प्रतियोगिता के बाद श्रीशंकर ने कहा, 'चोट से वापसी के बाद मैंने ज्यादा प्रतियोगिताओं में भाग नहीं लिया है। मैं आठ मीटर की दूरी तय करने से खुश हूं लेकिन मुझे आगे सुधार करना होगा।' कर्नाटक के सिद्धार्थ नाइक (7.56 मीटर) दूसरे और हरियाणा के साहिल महाबली (7.55 मीटर) तीसरे स्थान पर रहे।
गोला फेंक में इंदरजीत सिंह विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वॉलिफाइ करने के लिए 20.70 मीटर के मानक से काफी पीछे रह गए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 19.51 मीटर का रहा।
तमिलनाडु की अर्चना सुसींत्रांन 200 मीटर दौड़ में करियर के सर्वश्रेष्ठ 23.18 सेकंड के समय के साथ शीर्ष पर रही लेकिन वह विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वॉलिफाइ नहीं कर सकीं। क्वॉलिफाइंग मानक 23.02 सेकंड का था। वह इससे पहले 100 मीटर की दौड़ में स्टार खिलाड़ी दुती चंद से पिछड़कर दूसरे स्थान पर रहीं।
पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में विजय सिंह मलिक (सेना) ने अपने करियर में केवल दूसरी बार 51 सेकंड से कम समय लिया। वह 50.99 सेकंड के प्रदर्शन के साथ दूसरे स्थान पर रहे। शीर्ष पर रहे तमलीरसन संतोष कुमार (तमिलनाडु) ने उनसे बेहद ही मामूली अंतर से आगे रहे। अनुभवी जितिन पाल तीसरे स्थान पर रहे।