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समलैंगिक है देश की 'स्वर्ण बेटी' दुती चंद, दुनिया के सामने स्वीकारने वाली भारत की पहली एथलीट

Sun, 19 May 2019 12:48 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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दुती चंद - फोटो : पीटीआई
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देश की 'स्वर्ण बेटी' और 100 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड होल्डर धावक दुती चंद ने सनसनीखेज खुलासा किया है। 2018 एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता दुती ने स्वीकारा कि वह समलैंगिक रिश्ते में है। सार्वजनिक तौर पर इस तरह की बात स्वीकार करने वाली दुती देश की पहली एथलीट हैं।

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'द इंडियन एक्सप्रेस' को दिए इंटरव्यू में दुती ने बताया कि वह अपने गृहनगर चाका गोपालपुर (ओडिशा) की एक लड़की के साथ रिश्ते में हैं। हालांकि, दुती ने अपनी पार्टनर के बारे में बताने से मना किया। वे नहीं चाहतीं कि उनकी पार्टनर फिजूल में लोगों की नजरों में आए।

दुती ने कहा, ‘मुझे ऐसा कोई मिला है, जो मेरा जीवनसाथी है। मैं मानती हूं कि हर किसी को इस बात की आजादी होनी चाहिए कि वह किसके साथ जीवन बिताना चाहता है। मैंने हमेशा उन लोगों के हक में आवाज उठाई है जो समलैंगिक रिश्तों में रहना चाहते हैं। यह किसी की निजी पसंद है। मेरा ध्यान फिलहाल वर्ल्ड चैम्पियशिप और ओलंपिक खेलों पर है, लेकिन मैं भविष्य में उसके साथ घर बसाना चाहती हूं।’

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23 वर्षीय दुती ने धारा 377 पर भी बात की। बकौल दुती, 'पिछले साल समलैंगिकता पर आए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद ही मेरे भीतर इस रिश्ते को सार्वजनिक करने की हिम्मत आई। किसी को भी मुझे जज करने का हक नहीं है। यह मेरी निजी पसंद है। इसका सम्मान किया जाना चाहिए। मैं देश के लिए पदक जीतने की कोशिश जारी रखूंगी।’

दुती चंद ने कहा, 'मैं बीते 10 साल से धावक हूं और अगले 5 से 7 साल तक दौड़ती रहूंगी। मैं प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पूरी दुनिया घूमती हूं, यह आसान नहीं है। मुझे किसी का सहारा भी चाहिए।' 


 

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संघर्ष की दास्तां है दुती की सफलता 

दुती चंद - फोटो : PTI
2014 में कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान उन्हें अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ की हाइपरएंड्रोजेनिस्म पॉलिसी के तहत टेस्टोस्टोरेन (पुरुष हार्मोंस) की अधिक मात्रा पाए जाने के कारण निलंबित कर दिया गया था।

बताया गया कि उनके शरीर में टेस्टोस्टोरेन की मात्रा किसी महिला एथलीट में मान्य मात्रा से अधिक है। उन्होंने स्विट्जरलैंड स्थित खेल पंचाट (सीएएस) में अपना केस लड़ा और सीएएस ने उन्हें अपना करियर जारी रखने की अनुमति प्रदान कर दी। मगर इस दौरान दुती की ट्रेनिंग पर गहरा असर पड़ा। मगर इस जुझारू खिलाड़ी एक साल के अंदर अपना दमखम फिर साबित कर दिया।
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