2014 में कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान उन्हें अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ की हाइपरएंड्रोजेनिस्म पॉलिसी के तहत टेस्टोस्टोरेन (पुरुष हार्मोंस) की अधिक मात्रा पाए जाने के कारण निलंबित कर दिया गया था।
बताया गया कि उनके शरीर में टेस्टोस्टोरेन की मात्रा किसी महिला एथलीट में मान्य मात्रा से अधिक है। उन्होंने स्विट्जरलैंड स्थित खेल पंचाट (सीएएस) में अपना केस लड़ा और सीएएस ने उन्हें अपना करियर जारी रखने की अनुमति प्रदान कर दी। मगर इस दौरान दुती की ट्रेनिंग पर गहरा असर पड़ा। मगर इस जुझारू खिलाड़ी एक साल के अंदर अपना दमखम फिर साबित कर दिया।