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खेल संघों की आपसी लड़ाई से खुश नहीं दीपा कर्माकर, बोलीं- गेम प्रभावित हो रहा

Fri, 09 Nov 2018 07:30 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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मौजूदा दौर में भारतीय जिमनास्ट बेहद खराब दौर से गुजर रहा है। खेल मंत्रालय की ओर से प्रतिबंधित जिम्नास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया और साई के बीच चल रहे विवाद में जिम्नास्ट पिस गए हैं। जिसके बाद अब 22 नवंबर से जर्मनी के कोटबस में होने वाले ओलंपिक क्वालिफाइंग विश्व कप में अब तक टीम की भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो पाई है।

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सारी स्थिती को देखते भारत की स्टार जिमनास्ट दीपा कर्माकर और उनके कोच बिश्वेश्वर नंदी ने चिंता जताई है। इसका कारण है खेल मंत्रालय की ओर से निकाला गया वह आदेश जिसमें साफ किया गया है कि प्रतिबंधित खेल संघ के खिलाड़ी देश के नाम और झंडे का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कंपटीशन में नहीं कर सकेंगे।

नंदी ने कहा कि देश में जिमनास्टिक की दो बॉडियां हैं। दो अलग-अलग खेल संघ और उनके बीच वर्चस्व की लड़ाई का सीधा नुकसान खिलाड़ियों के मनोबल पर पड़ रहा है।
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प्रतिबंधित जीएफआई ने जहां साफ कर दिया है कि बिना देश के झंडे तले उनकी ओर से टीम नहीं खिलाई जाएगी। वहीं साई इस विवाद से निपटने के लिए मंत्रालय से अपील करने जा रही है कि इस विश्व कप के लिए देश के झंडे तले खेले जाने की अनुमति प्रदान कर दी जाए।

दीपा कर रहीं अकेले ट्रेनिंग
विश्व कप के लिए सभी जिम्नास्ट अलग-अलग ट्रेनिंग कर रहे हैं। आशीष और अरुणा टॉप्स के तहत पोलैंड में ट्रेनिंग कर रहे हैं जबकि दीपा अकेले आईजी स्टेडियम में बिश्वेशर नंदी के संरक्षण में तैयारियां कर रही हैं। नंदी का कहना है कि वर्तमान में जिस तरह की स्थितियां उससे जिम्नास्टों का नुकसान हो रहा है। ओलंपिक क्वालिफाइंग के लिए जिम्नास्टों की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।

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