फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिर सामने आई पंजाब सरकार की लापरवाही, हरभजन के अलावा रुपिंदर और गुरजीत भी हुए लेटलतीफी का शिकार

Fri, 02 Aug 2019 07:56 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला

सार

-पंजाब सरकार ने विकास और अमनदीप के नाम भी पुरस्कार के लिए देरी से भेजे
-मुक्केबाज अमनदीप को दूसरी बार भुगतना पड़ा खामियाजा  
विज्ञापन
vikas thakur
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब सरकार की गलती का खामियाजा सिर्फ हरभजन सिंह को नहीं हॉकी स्टार रुपिंदर पाल सिंह, गुरजीत कौर, वेटलिफ्टर विकास ठाकुर और बॉक्सर अमनदीप सिंह को भी भुगतना होगा। हरभजन के साथ गुरजीत का नाम राजीव गांधी खेल रत्न, रुपिंदर और विकास का अर्जुन और अमनदीप का नाम ध्यानचंद अवॉर्ड के लिए भेजा गया था। ये सभी आवेदन भी देरी के चलते खेल मंत्रालय ने स्वीकार नहीं किए हैं।

विज्ञापन


अमनदीप के साथ दूसरी बार ऐसा हुआ है। कुछ वर्ष पूर्व उनका आवेदन अर्जुन अवॉर्ड के लिए देर से भेजा गया था। तब उनके सबसे ज्यादा अंक बनते थे, लेकिन उनका आवेदन खारिज कर दिया गया। अमर उजाला ने ही 20 जुलाई के संस्करण में पहली बार यह खुलासा किया था कि पंजाब सरकार की गलती के चलते हरभजन का आवेदन खारिज कर दिया है। साथ ही दुती चंद का आवेदन भी उड़ीसा सरकार की ओर से देर मिलने पर खारिज कर दिया गया है। हरभजन की शिकायत के बाद पंजाब सरकार ने देरी से आवेदन भेजे जाने के मामले में जांच बिठाई है।
 

विज्ञापन

स्वप्ना के कोच के लिए आगे आई साई पर दुती की नहीं आई याद

स्वप्ना बर्मन
एशियाई खेलों में हेप्टाथलन का स्वर्ण जीतने वाली स्वप्ना बर्मन को अर्जुन और उनके कोच सुभाष सरकार को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिलाने के लिए साई आगे आई है। साई ने दोनों का नाम खुद भेजा है। हालांकि उसने दुती चंद का नाम आगे नहीं बढ़ाया। स्वप्ना का आवेदन एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया ने भी किया है। दुती का नाम एएफआई ने पांचवें नंबर की रैंकिंग पर भेजा था, जबकि एक संघ तीन नाम भेज सकता है। साथ ही ओडिशा सरकार ने भी उनका नाम देर से भेजा।

दुती कहती हैं कि वह इस मामले में हस्तक्षेप के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मिल चुकी हैं, लेकिन खेल मंत्रालय को उनका कोई पत्र अब तक नहीं मिला है। साई ने ध्यानचंद अवॉर्ड के लिए जिंसी फिलिप्स का नाम आगे बढ़ाया है। राष्ट्रीय खेल पुरस्कार मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस 29 अगस्त को दिए जाते हैं, लेकिन अब तक मंत्रालय की ओर से अवॉर्ड की कमेटियां गठित नहीं की हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें