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सुशील कुमार की खेल मंत्रालय से अपील, कहा- कॉमनवेल्थ खेलों के बहिष्कार पर दोबारा सोचा जाए

Wed, 31 Jul 2019 07:19 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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सुशील कुमार
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पहलवान सुशील कुमार ने बुधवार को खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक संघ से अपील की है। ओलंपिक पदक विजेता पहलवान का मानना है कि भारत को 2022 में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों के बहिष्कार का इरादा छोड़ देना चाहिए।
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समाचार एजेंसी एएनआई को बयान देते हुए सुशील ने कहा कि, 'यह सच है कि हम राष्ट्रमंडल खेलों में शूटिंग में पदक जीतते हैं और यह (शूटिंग को छोड़कर) हमें पदक तालिका में नीचे कर देगा, लेकिन हम अन्य खेलों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हम अन्य खेलों पर भी ध्यान केंद्रित करके पदक की क्षतिपूर्ति कर सकते हैं। मैं खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन से इसकी समीक्षा करने का आग्रह करता हूं। मुझे लगता है कि अन्य एथलीटों को शूटिंग इवेंट के लिए, खेल में नुकसान होगा।'
 

आखिर क्या है पूरा मामला?

बर्मिंघम में होने वाले कॉमनवेल्थ खेल 2022 में शूटिंग शामिल नहीं होगा। इससे नाराज भारत इन खेलों पर बहिष्कार का विचार कर रहा है। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने खेल मंत्री किरण रिजिजू को पत्र लिखकर आगामी कॉमनवेल्थ खेलों के बहिष्कार प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बैठक की मांग की है। ओलंपिक संघ के इस फैसले के बाद भारतीय एथलीट भी दो धड़ों में बंट गए हैं। कुछ भारत के इस फैसले के समर्थन में नजर आ रहे हैं तो कोई विरोध में खड़ा है। 
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शूटिंग के हटने से भारत को सीधा नुकसान

जून में कॉमनवेल्थ खेल महासंघ (सीजीएफ) ने फैसला किया था कि 2022 में होने वाले खेलों में निशानेबाजी को जगह नहीं दी जाएगी। 1970 के बाद से ऐसा पहली बार होगा कि राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी नहीं होगी। इससे भारत को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि इन खेलों में अगर भारत मेडल तालिका में आगे रहता है तो इसके पीछे एक बड़ी वजह निशानेबाजी में जीते मेडल होते हैं।

सीजीएफ ने रविवार को कहा कि वे चाहते हैं कि भारत 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ खेलों में हिस्सा ले। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने राष्ट्रमंडल खेलों से निशानेबाजी को हटाने पर इन खेलों के बहिष्कार का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा है, जिसके बाद सीजीएफ ने यह प्रतिक्रिया दी। सीजीएफ ने कहा कि वे निकट भविष्य में आईओए अधिकारियों से मिलना चाहते हैं जिससे कि चिंताओं का हल निकाला जा सके।

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