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टोक्यो फतह: दीपिका, तरुणदीप, अतानु मिलकर खेल चुके हैं पांच ओलंपिक

Sat, 03 Jul 2021 07:29 AM IST
Jeet Kumar स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • यही अनुभव ओलंपिक में मानसिक दबाव में बिखरने की आदज से दिला सकता है निजात
  • टोक्यो में तीरंदाजों के पीछे होगा पांच ओलंपिक का अनुभव
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अतनु-दीपिका - फोटो : social media
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विस्तार
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लंदन और रियो ओलंपिक की तरह भारतीय तीरंदाज एक बार फिर ओलंपिक में पदक के दावेदार बनकर टोक्यो जा रहे हैं। दावेदारी की वजह ग्वाटेमाला और पेरिस विश्व कप में अतानु दास और दीपिका कुमारी का स्वर्णिम प्रदर्शन है।

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यही नहीं इन दोनों के साथ तरुणदीप रॉय और प्रवीण जाधव जब टोक्यो में उतरेंगे तो उनके पीछे पांच ओलंपिक का अनुभव होगा। दीपिका और तरुणदीप का यह तीसरा ओलंपिक होगा, जबकि अतानु दास का दूसरा और प्रवीण का पहला ओलंपिक होगा।

1988 के सियोल ओलंपिक में पहली बार खेलने वाली भारतीय तीरंदाजी टीम के सदस्य द्रोणाचार्य अवार्डी संजीव सिंह मानते हैं कि लंदन और रियो की तरह टोक्यो में अगर भारतीय तीरंदाज मानसिक दबाव में नहीं बिखरे तो इस बार पदक उनके गले में होगा। हालांकि उनके पीछे का अनुभव इस बार उन्हें मानसिक दबाव में बिखरने से बचाएगा।
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अतानु और दीपिका की जोड़ी है मजबूत पक्ष
संजीव की मानें तो इस बार पदक की सबसे बड़ी दावेदार अतानु दास और उनकी पत्नी दीपिका कुमारी की जोड़ी है। ये दोनों बेहद अनुभवी हैं और अच्छी फॉर्म में हैं। बड़ी बात यह है कि दोनों रिश्ते में बंधे हैं और एक दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं।

ऐसे में बड़े आराम से एक दूसरे को प्रोत्साहित कर सकते हैं। संजीव के मुताबिक इन दोनों के बाद पदक के दावेदारों में पुरुष टीम है और इसके बाद व्यक्तिगत मुकाबलों में वह दीपिका को रखेंगे।

दीपिका-अतानु को चाहिए मनोचिकित्सक
लंदन और रियो की तरह भारतीय तीरंदाज टोक्यो में दबाव में नहीं बिखरने पाएं इसके लिए उन्हें मनोचिकित्सक की सेवाएं चाहिए हैं। दोनों ने भारतीय तीरंदाजी संघ से मनोचिकित्सक मुग्धा को साथ ले जाने को कहा है। हालांकि अब तक उनके साथ जाने पर अंतिम मुहर नहीं लगी है। दीपिका ने खुद लंदन और रियो ओलंपिक के बाद दबाव में बिखरने की बात स्वीकारी थी।

अतानु, दीपिका रियो में अंतिम 16 में पहुंचे थे
भारतीय तीरंदाजों का ओलंपिक में रिकार्ड अच्छा नहीं है। महिला टीम रियो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी। वहीं अतानु दास और दीपिका कुमारी अंतिम 16 से आगे नहीं बढ़ पाए थे। 

  • आठवां ओलंपिक है भारतीय तीरंदाजों का
  • 1988 के सियोल ओलंपिक में पहली बार ओलंपिक में उतरे भारतीय तीरंदाज
  • तीसरा ओलंपिक होगा तरुणदीप रॉय और दीपिका कुमारी का, सिर्फ लिंबा राम खेले हैं तीन ओलंपिक
  • ओलंपिक के अंतिम आठ से कभी आगे नहीं पहुंचे भारतीय तीरंदाज
  • रियो ओलंपिक के अंतिम 16 में पहुंची थीं दीपिका
  • विश्व नंबर एक की पदवी के साथ टोक्यो जाएंगी दीपिका
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