पहलवानों की ओलंपिक की तैयारियां सिरे चढने का नाम नहीं ले रही हैं। बमुश्किल रूस का वीजा हासिल करने के बाद पहलवान रवि कुमार और दीपक पूनिया समेत छह सदस्यीय दल को वारसा (पोलैंड) में रूस जाने के लिए फ्लाइट पर नहीं चढने दिया गया।
पूरी टीम को एयरपोर्ट से रविवार को तड़के वापस लौटा दिया गया। विदेशी एयरलाइंस ने रूस में प्रवेश के लिए विशेष सुरक्षा अनुमति नहीं होने के चलते पहलवानों को फ्लाइट पर नहीं चढने दिया। नतीजन पहलवान अभी भी पोलैंड में फंसे हुए हैं। उन्हें वारसा में बिना तैयारियों के दो सप्ताह से ऊपर का समय हो चुका है।
रूसी कुश्ती संघ से की जाएगी बात
पोलैंड अंतरराष्ट्र्रीय कुश्ती टूर्नामेंट 11 जून को समाप्त हो गया था। वहां तैयारियों के लिए पहलवान नहीं मिलने के कारण फैसला लिया गया कि दीपक और रवि को बजरंग के पास व्लादीकावकाज (रूस) भेजा जाएगा। इसके लिए बजरंग ने खुद मदद की।
पहले टीम को लंबे समय तक वीजा नहीं मिला, लेकिन शनिवार को वीजा मिलने के बाद रात में ही वारसा से मास्को होते हुए व्लादीकावकाज का टिकट करा दिया गया। टीम वारसा एयरपोर्ट पर पहुंच गई लेकिन उन्हें फ्लाइट पर नहीं चढने दिया गया। उनसे कहा गया कि उनके पास में रूस जाने के लिए वहां की सरकार की विशेष सुरक्षा अनुमति नहीं है।
अगर उन्हें जाने भी दिया गया तो मास्को से उन्हें वापस लौटा दिया जाएगा। इसके बाद मजबूरन टीम को एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा। हालांकि वारसा से ही अर्जेंटीना के एक पहलवान और कोच को व्लादीकावकाज के लिए जाने दिया गया। उन्हें नहीं रोका गया। कुश्ती संघ सोमवार को इस संबंध में रूसी कुश्ती संघ से बात करेगी।
पुरुष पहलवानों को रूस से टोक्यो भेजने की है योजना
कुश्ती संघ ने पुरुष पहलवान बजरंग, रवि कुमार, दीपक को रूस से ही सीधे टोक्यो भेजने की योजना बनाई है, जिससे उन्हें जापान में तीन दिन के एकांतवास में नहीं जाना पड़े, लेकिन दीपक और रवि का रूस जाना ही संभव नहीं हो पा रहा है। रवि और दीपक की तैयारियों के लिए विशेष रूप से अरुण और प्रवीण राणा को दिल्ली से रूस भेजा जा रहा है। उन्हें सोमवार को व्लादीकावकाज निकलना है।
अगर रवि, दीपक नहीं गए तो उन्हें भी रोकना पड़ेगा। यह मामला नहीं सुलझा को दीपक और रवि को वापस भारत लौटना पड़ेगा और यहीं से टोक्यो जाना होगा। वहीं बजरंग का रूस में वीजा 14 जुलाई को समाप्त हो रहा है। कुश्ती संघ उनका वीजा भी आगे बढ़वाने जा रही है।