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रियो ओलंपिकः टेनिस के बाद दीपा भी पदक से चूकीं, हॉकी में भी उम्मीद हुई खत्म

Mon, 15 Aug 2016 11:35 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
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दीपा कर्माकर - फोटो : getty
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रियो ओलंपिक के नौवें दिन भी भारत को बड़ी निराशा हाथ लगी है। टेनिस में जहां सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्ना मिक्स्ड डब्ल्स में कांस्य पदक से चूक गए तो जिम्नास्टिक में पदक की बड़ी दावेदार मानी जा रही दीपा करमाकर ने शानदार खेल दिखाया लेकिन मामूली अंतर से पदक जीतने का मौका गंवा दिया।  दीपा ने कुल मिलाकर 15.066 अंक हासिल किए और 4 थे स्थान पर रहीं। पहला स्थान अमेरिकी (15.966) दसरा रुसी (15.253) और तीसरा स्विस (15.216) जिमनास्ट को  हासिल हुआ।
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साथ ही बैडमिंटन में साइना नेहवाल की चुनौती खत्म हो गई है। पुरुष हॉकी में भारत बढ़त के बाद बेल्जियम से हारकर टूर्नामेंट में पदक की रेस से बाहर हो गया है। हालांकि बैडमिंटन में पीवी सिंधू और कादांबी श्रीकांत ने नॉकआउट में पहुंचकर पदक की थोड़ी सी आस जगाए रखी है।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हॉफ टाइम तक बेल्जियम के खिलाफ 1-0 की बढ़त बना लिया था, लेकिन तीसरे क्वार्टर में मुकाबला 1-1 की बराबरी पर पहुंच गया, फिर इसी क्वार्टर के आखिरी 30 सेकेंड में बेल्जियम ने दूसरा गोल कर 2-1 की बढ़त भी बना ली।
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फिर चौथे क्वार्टर में भारत की वापसी का सपना उस समय टूट गया जब वह 1-3 से पिछड़ गया। और बाद में यही मैच का परिणाम बना। इसके साथ ही भारत का 36 साल बाद ओलंपिक में हॉकी में मेडल जीतने का सपना टूट गया।

वहीं टेनिस के मिक्स्ड डबल्स में सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्ना की जोड़ी कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में चेक गणराज्य की जोड़ी से सीधे सेटों में 1-6, 5-7 के अंतर से हार गई। पहले सेट में भारतीय जोड़ी ने बेहद खराब प्रदर्शन किया, दूसरे सेट में वापसी की कोशिश की लेकिन वह नाकाफी रही।

दूसरे सेट में एक समय भारतीय जोड़ी 5-4 से आगे थी लेकिन सानिया-बोपन्ना इस बढ़त को कायम नहीं रख सके और 7-5 के अंतर से दूसरा सेट भी हार गए। इस हार से भारत का टेनिस में कोई भी पदक जीतने का सपना इस बार भी अधूरा रह गया। लिएंडर पेस ने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में एकल वर्ग से कांस्य पदक जीता था।  

बैडमिंटन में एकल वर्ग में पीवी सिंधु कनाडा की खिलाड़ी को तीन सेटोंं तक चले मुकाबले में 2-1 के अंतर से हरा दिया। पहले सेट में हारने के बाद सिंधु ने बेहतरीन वापसी करते हुए 21-15, 21-17 से मैच अपने नाम कर लिया और प्री क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर भारत की पदक की आशाओं की जिंदा रखा है। वह श्रीकांत के बाद इस खेल से नॉकआउट दौर में पहुंचने वाली दूसरी भारतीय बन गई हैं। 

आज ओलंपिक के नौवें दिन महिलाओं की जिम्नास्टिक स्पर्धा के फाइनल में दीपा ने बेहद शानदार खेल दिखाया लेकिन वह चौथे स्थान पर रहीं। वह आर्टिस्टिक जिम्नास्ट स्पर्धा के फाइनल में 15.066 अंक लेकर चौथे स्थान पर रहीं। स्वर्ण पदक अमेरिका की सिमोन वाइल्स को मिला। दीपा ओलंपिक इतिहास में महिला जिम्नास्ट के किसी स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला बनी थीं। 

मुक्केबाजी  में मनोज कुमार उजबेकिस्तान के गैबनाजारोव फजाबिद्दीन से हार गए हैं। 


 
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एकल में साइना नेहवाल की चुनौती खत्म

साइना नेहवाल
इससे पहले बैडमिंटन में ही पुरुषों की एकल स्पर्धा में भारत के किदांबी श्रीकांत का मुकाबला स्वीडन के एच हेनरी से हुआ, श्रीकांत ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए दो सेटों में 21-6, 21-18 से हेनरी को मात दी और  प्री क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की। वह रियो में बैडमिंटन के नॉक आउट दौर में पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। 

भारत के लिए 9वें दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही है। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल एकल मुकाबले का दूसरा मैच हारकर रियो ओलंपिक से बाहर हो गईं।

उन्हें यूक्रेन की यूलिटीना मारिया ने सीधे सेटों में मात दी। लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना के घुटने में सूजन थी, वह सीधे सेटों में 18-21, 19-21 के अंतर से विश्व की 61वें नंबर की खिलाड़ी से हार गईं। साइना विश्व रैंकिंग में पांचवें पायदान पर हैं।

साइना ने अपनी हार के लिए घुटने की चोट को कारण बताया है। उन्होंने कहा कि वह चोट के कारण अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकीं। साइना ने कहा कि उन्हें ओलंपिक से ठीक पहले चोट लगी थी, लेकिन खेल गांव आने के बाद चोट उभर गई। यह चोट उन्हें ट्रेनिंग के दौरान लगी थी। 
 
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