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रूस के बाद चीन पर भी लगा भारोत्तोलन में एक साल का बैन

Fri, 26 Aug 2016 04:31 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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Rio 2016 - फोटो : Getty
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वेटलिफ्टिंग में लगातार हो रहे डोपिंग के मामलों को लेकर चीन पर भी एक साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन संघ (आईडब्ल्यूएफ) ने इस बात की पुष्टि की है कि बीजिंग ओलंपिक में लिए गए नमूनों के तीन ड्रग टेस्ट फिर से विफल होने के बाद चीन पर स्वत: ही एक साल का प्रतिबंध लग गया है।
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भारोत्तोलन में चीन एक बड़ी ताकत माना जाता है और 2000 सिडनी ओलंपिक के बाद वह हर ओलंपिक में इस स्पर्धा में सर्वाधिक मेडल जीतता रहा है।

रियो ओलंपिक में उसने सात पदक जीते जिसमें पांच स्वर्ण पदक थे। इसके अलावा जिन अन्य देशों पर एक साल का प्रतिबंध लगा हुआ है उनमें रूस, बेलारूस, कजाखस्तान के साथ उक्रेन और अजरबैजान का नाम भी शामिल हो गया है। 
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महिला वेटलिफ्टर ने दी चार साल के प्रतिबंध को चुनौती

रियो ओलंपिक 2016 - फोटो : Getty
पहलवान नरसिंह यादव प्रकरण के बाद एक राष्ट्रीय स्तर की महिला भारोत्तोलक ने अपने ऊपर लगाए गए चार साल के प्रतिबंध को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। भारोत्तोलक ने आरोप लगाया है कि मार्च 2015 में ऑल इंडिया पुलिस मीट के दौरान साथी खिलाड़ी ने उसे प्रोटीन ड्रिंक दिया था जिसमें एनाबोलिक स्टेरायड था।

हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) से अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। जस्टिस संजीव सचदेवा ने सुमति देवी की याचिका पर केंद्र और सीआरपीएफ डायरेक्टर जनरल को भी नोटिस जारी किया है। मामले में अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी।

सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर सुमति देवी 75 किलो भारवर्ग में महिला भारोत्तोलन टीम का हिस्सा रही थी। मणिपुर की रहने वाली इस महिला भारोत्तोलक ने चार साल के प्रतिबंध को बेहद कड़ा बताते हुए कहा है कि उन्होंने प्रतिबंधित पदार्थ जानबूझकर नहीं लिया था।
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