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वर्ल्ड चैंपियन ने कैंसर के इलाज के लिए बेच दिया रियो में जीता हुआ मेडल

Fri, 26 Aug 2016 04:10 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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रियो ओलंपिक - फोटो : rio2016.com
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ओलंपिक जैसे खेलों के महाकुंभ में पदक जीतने का सपना हर एथलीट का होता है, लेकिन वर्षों की मेहनत के बाद कुछ ही खिलाड़ी पदक जीत पाते हैं। अब एक एथलीट ऐसा भी है जिसने अपना पदक नीलाम कर दिया।
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पदक नीलाम करने वाले एथलीट का नाम है पियोत्र मालाचोस्की जो पोलैंड की ओर से डिस्कस थ्रोअर एथलीट हैं। ओलंपिक खेलों में उन्होंने 2 पदक जीते हैं और वह भी रजत पदक के रूप में।

2008 में हुए बीजिंग ओलंपिक में रजत जीतने वाले मालाचोस्की ने 8 साल बाद रियो में भी रजत पदक ही जीता। उन्होंने डिस्कस थ्रो में 67.55 मीटर दूर चक्का फेंककर रजत जीता जबकि जर्मनी के क्रिस्टोफ हार्टिंग ने 82 मीटर दूर चक्का फेंककर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था।
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पियोत्र मालाचोस्की ने कैंसर से जूझ रहे एक तीन साल के बच्चे ओलेक के इलाज का फंड जुटाने के लिए अपना मेडल नीलाम कर दिया है। उन्होंने फेसबुक पर बच्चे की फोटो पोस्ट की है।

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न्यूयॉर्क में बच्चे के इलाज के लिए बेच दिया पदक

पियोत्र मालाचोस्की - फोटो : Getty
रियो ओलंपिक में रजत पदक जीतने के बाद अब इसे बेचने वाले पोलैंड के डिस्कस थ्रोअर मालाचोस्की ने कहा, "मेरे लिए एक हफ्ता पहले यह पदक बहुत कीमती था लेकिन अब छोटे ओलेक की सेहत ज्यादा कीमती हो गया है।"

33 साल के वर्ल्ड चैंपियन ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि बच्चे ओलेक की मां का पत्र मिला है जिसमें उन्होंने बताया कि उनके बेटे को पिछले दो साल से नेत्र कैंसर है और उसका इलाज सिर्फ न्यूयॉर्क में हो सकता है।

पियोत्र ने कहा, "रियो में मैं स्वर्ण पदक के लिए लड़ा था लेकिन हम सभी को कुछ ऐसी चीजों के लिए संघर्ष करना चाहिए जो ज्यादा अनमोल है।" साथ ही उन्होंने अपील भी की है कि यदि आप उनकी मदद करें तो उनका सिल्वर मेडल ओलेक के लिए गोल्ड मेडल से भी ज्यादा अनमोल हो सकता है। 

उन्होंने कहा, "ओलंपिक में पदक जीतना हर एथलीट का सपना होता है। निश्चित तौर पर मेरा यह पदक मेरे लिए स्वर्ण पदक जैसा था। मैंने इसे हासिल करने के लिए काफी मेहनत की।"

 
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