पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद का कहना है कि कंप्यूटर के आने से खिलाड़ियों के शतरंज खेलने का तरीका बदल गया, जिससे दोनों प्रतिद्वंद्वियों के बैठने का स्थान नहीं बदलता। इस पूर्व विश्व चैंपियन ने अपने कॅरिअर के बारे में बताया कि वह आज जिस मुकाम पर हैं उसके लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी।
आनंद ने स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम ‘माइंड मास्टर्स’ में कहा, ‘मैं जब छह साल का था तब मेरे बड़े भाई और बहन शतरंज खेल रहे थे। फिर मैं अपनी मां के पास गया और उनसे मुझे भी इस खेल को सिखाने के लिए कहा। शतरंज के खिलाड़ी के रूप में मेरी प्रगति अचानक नहीं हुई थी, यह कई सालों में कड़ी मेहनत का नतीजा है।’