खेलों में लगाए जाने वाले अपार धन के चलते पनपी भ्रष्टाचार, अवैध सट्टेबाजी, मैच फिक्सिंग की संभावनाओं से सीबीआई की स्पोट्र्स इंटीग्रिटी यूनिट (एसआईयू) अचानक सक्रिय हो उठी है। सीबीआई की एसआईयू ने शुक्रवार को खेल मंत्रालय से मान्यता प्राप्त सभी खेल संघों की जानकारियां मांगी हैं। सभी खेल संघों को 17 जनवरी तक जानकारियां उपलब्ध कराने को कहा गया है।
एसआईयू के हेड जगरूप गुसिन्हा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि खेलों में अपार धन लगने के चलते खेल अब एक इंडस्ट्री का रूप धारण करते जा रहे हैं। यह पैसा खिलाडिय़ों से लेकर टीमों पर लगाया जा रहा है।
जिससे मैच और मुकाबलों के परिणाम को प्रभावित करने के लिए भ्रष्टाचार, अवैध सट्टेबाजी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सीबीआई ने एसआईयू और विशेष जांच शाखा स्थापित करने का फैसला लिया। जिसे पूरे देश में खेलों के मामलों में जांच का अधिकार है। यही कारण है कि खेल मंत्रालय से मान्यता प्राप्त सभी खेल संघों की जानकारियां मांगी जा रही हैं।
जानकारी में खेल संघों से उनका रजिस्ट्रेशन नंबर, उनकी मान्यता का स्तर, उनसे मान्यता प्राप्त यूनिट, पदाधिकारियों का नाम और पता, उनकी गतिविधियां और उनकी ओर से आयोजित कराए जाने वाले टूर्नामेंट मांगे गए हैं। एसआईयू ने खेल संघों से सभी अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय टूर्नामेंटों की जानकारी मांगी है।