वर्ल्ड आर्चरी ने भारतीय तीरंदाजों को तात्कालिक राहत प्रदान कर दी है। उसकी ओर से कहा गया है कि फिल्हाल भारतीय तीरंदाजों पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा है।
यही नहीं भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) की प्रशासनिक खामियों के चलते उनकी टोक्यो ओलंपिक की तैयारियां प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी। दरअसल वर्ल्ड आर्चरी ने यह कदम तब उठाया जब एएआई के अध्यक्ष बीवीपी राव खुद उसके हेडक्वार्टर लुजान (स्विटजरलैंड) पहुंच गए।
राव ने वर्ल्ड आर्चरी के महासचिव टॉम डिलेन को सारी स्थिति से अवगत कराते हुए भारतीय तीरंदाजों पर प्रतिबंध नहीं लगाने की गुहार लगाई। भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से पत्र लिखे जाने के बाद वर्ल्ड आर्चरी ने एएआई को प्रतिबंधित करने की धमकी दी थी।
इसी की काट के लिए राव लुजान पहुंच गए। राव ने लुजान से बताया कि उन्होंने वर्ल्ड आर्चरी से कहा कि संविधान को लेकर जो भी समस्या है उन्हें बताई जाए। वह खुद उसे दूर करेंगे और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखेंगे, लेकिन इसके लिए भारतीय तीरंदाजों पर प्रतिबंध लगाने का गलत रहेगा।
डिलेन ने इसके बाद ही भारतीय तीरंदाजों को राहत देने की घोषणा की। उन्होंने चुनाव की रिपोर्ट और संविधान डिलेन को सौंप दिया है। वर्ल्ड आर्चरी इनकी समीक्षा करेगी। इसके बाद ही वह अपनी राय के साथ इसे कार्यकारिणी में रखेंगे। हालांकि संघ के पदाधिकारियों पर तलवार अभी भी लटकी है, क्यों कि संविधान खेल मंत्रालय और आईओए दोनों को मंजूर नहीं है।