कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में आठ गोल्ड मेडल जीतने वाले दिग्गज शूटर जसपाल राणा ने गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ खेलों का बायकाट करने को कहा है।
राणा का मानना है कि जब 2022 के इन खेलों में शूटिंग का शामिल होना तय नहीं है तो भारतीय शूटिंग टीम को इन खेलों में नहीं खेलना चाहिए। अगर इस तरह से उन इवेंट्स को खेलों से निकाला जाता रहेगा, जिसमें भारत अच्छा है तो इससे बढिय़ा हमें ही इन खेलों का ही बायकाट कर देना चाहिए।
चीन भी कई ओलंपिक नहीं खेला था, लेकिन जब वापसी की थी तो टॉप किया था। राणा ने इस बात का भी दुख जताया कि 12 साल बाद वह उन खेलों का एक बार फिर हिस्सा बनने जा रहे हैं, जिसमें आगे शूटिंग का भविष्य तय नहीं है।
बतौर शूटर राणा ने अंतिम बार 2006 के मेलबर्न कॉमनवेल्थ खेलों में भाग लिया था। इसके बाद उन्होंने शूटिंग नहीं की, लेकिन एक बार फिर उनकी इन खेलों में वापसी हो रही है। इस बार वह वल्र्ड कप की मेडलिस्ट मनु भाकर, अनीष भानवाला के कोच बनकर गोल्ड कोस्ट जा रहे हैं।
राणा साफ करते हैं कि वापसी तो हो रही है, लेकिन मौका ठीक नहीं है। शूटिंग जैसे खेल का भविष्य कॉमनवेल्थ खेलों में तय होना चाहिए। इसमें शूटर कुछ नहीं कर सकते हैं।
इसके लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए। वहीं एनआरएआई के अध्यक्ष रणइंदर सिंह ने भी कहा कि शूटिंग को कॉमनवेल्थ गेम्स में बनाए रखने के लिए उनकी ओर से प्रयास जारी है। आईएसएसएफ के जरिए सीजीएफ पर दबाव बनाया जा रहा है।