फेडरेशन के कार्यकारी निदेशक आरके सचेती अमर उजाला से साफ करते हैं कि सभी बॉक्सरों को जार्डन से लौटने के बाद खुद के एकांतवास में भेजा गया है। बॉक्सरों को साथ में जोडने और उन्हें मानसिक मजबूती देने के लिए उन्हें हालचाल के साथ उनका वीडियो भेजने को कहा गया है। इससे उनकी सेहत का पता लगता रहेगा। साथ ही उन्हें भी लगेगा कि फेडरेशन उनका ख्याल रख रही है।
बॉक्सिंग के अलावा कुश्ती, तीरंदाजी, बैडमिंटन के ओलंपिक की तैयारियों के कैंप बंद कर दिए गए हैं, लेकिन बॉक्सिंग फेडरेशन ने ओलंपिक क्वालिफायर के लिए बॉक्सरों को फिट रखने के लिए ऑन लाइन कोचिंग शुरू करने का तरीका निकाला है।
आरके सचेती साफ करते हैं कि बॉक्सिंग एक ऐसा खेल है जिसमें तकनीकि के साथ शारीरिक फिटनेस भी काफी महत्वपूर्ण है। सचेती का कहना है कि कोरोना के चलते कितने दिनों तक कैंप बंद रहेगा किसी को नहीं मालूम है। ऐसे में बॉक्सरों की बीते दिनों कैंप में की गई तैयारियां बेकार चली जाएंगी। इस वक्त बॉक्सरों की फिटनेस बरकरार रखना सबसे बड़ी चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर सेंटियागो निएवा, नेशनल कोच कुटप्पा, अली कमर और इतालावी कोच राफेल बरगमास्को के संरक्षण में ऑन लाइन कोचिंग कैंप शुरू किया जा रहा है। इस कोचिंग कैंप में कोचिंग स्टाफ सभी बॉक्सरों को एक्सरसाइज के वीडियो भेजेगा। साथ ही उन्हें इन्हें करने के लिए कहा जाएगा। सुबह और शाम के जिस समय कैंप शुरू होता है उसी समय रोजाना ऑन लाइन कोचिंग कैंप चलेगा।