पूर्व विश्व कांस्य पदक विजेता शिव थापा (63 किग्रा) ने कड़े मुकाबले में जीत से पूजा रानी (75 किग्रा) के साथ बुधवार को यहां ओलंपिक परीक्षण मुक्केबाजी प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश कर लिया जबकि दो अन्य भारतीयों को शुरुआती दौर में हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
सुबह के सत्र में सेमीफाइनल में चार बार के एशियाई पदकधारी और इस महीने के शुरू में तीसरा राष्ट्रीय खिताब जीतने वाले थापा ने जापान के दाइसुके नारीमात्सु को शिकस्त दी। एशियाई खेलों की पूर्व कांस्य पदकधारी रानी ने ब्राजील की बीट्रीज सोरेस को सर्वसम्मत फैसले में पराजित किया।
रानी ने इस साल एशियाई चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता था। हालांकि पूर्व विश्व जूनियर चैम्पियन निकहत जरीन (महिला 51 किग्रा) और पुरूष वर्ग में वाहलीमपुइया (75 किग्रा) को अपनी सेमीफाइनल बाउट हारने से कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
दोनों मुक्केबाजों ने छोटे ड्रा की बदौलत अंतिम चार चरण में प्रवेश किया था। जरीन को जापान की सना कावानो से हार मिली जबकि वाहलीमपुइया को स्थानीय प्रबल दावेदार युइतो मोरीवाकी ने पराजित किया।
इनके अलावा सुमित सांगवान (91 किग्रा), आशीष (69 किग्रा), वनालिम्पुइया (75 किग्रा), सिमरनजीत कौर (60 किग्रा) और पूजा रानी (75 किग्रा) ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत का केवल एक मुक्केबाज अनंत चोपड़े ही क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाया। वह स्थानीय मुक्केबाज तोशो काशिवसाकी से 2-3 से हार गए।