वह जब कैंसर के उपचार के लिए रेडिएशन थेरेपी के लिए दिल्ली आए थे, उनकी परेशानियां तभी से शुरू हो गई थी क्योंकि यहां पहुंचते ही उन्हें पीलिया हो गया था और रेडिएशन थेरेपी के सत्र को रद्द करना पड़ा। कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन की वजह से हवाई यात्रा बंद थी और उन्हें मणिपुर तक 2400 किलोमीटर की यात्रा गाड़ी से करनी पड़ी।
इंफाल पहुंचते ही वह कोविड-19 पॉजिटिव आ गए और पहले ही कैंसर से जूझ रहे डिंको के सामने एक और स्वास्थ्य संबंधित चुनौती आ गई, लेकिन 41 साल के इस पूर्व मुक्केबाज ने लड़ाई जारी रखी और जीत हासिल की।
बैंकाक में 1998 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले बैंथमवेट मुक्केबाज ने कहा, ‘यह इतना आसान नहीं था लेकिन मैंने खुद से कहा, लड़ना है तो लड़ना है। मैं हारने के लिए तैयार नहीं था, किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए। अब मेरा पीलिया भी नियंत्रित है और मैं जल्द ही अपनी रेडिएशन थेरेपी जारी कर पाऊंगा।’