नेपाल के काठमांडू में चल रहे दक्षिण एशियाई खेलों में बांग्लादेश की तीरंदाज एती खातून ने सोमवार को तीसरा गोल्ड जीता। वह पश्चिमी बांग्लादेश के छोटे से गांव की रहने वाली हैं। परिवार और समाज के विरोध के बावजूद एती इस मुकाम तक पहुंचने में सफल रही हैं।
उनका परिवार 12 साल की उम्र में उनकी शादी करवाना चाहता था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया और भागकर ढाका आ गईं। यहां उन्होंने तीरंदाजी प्रशिक्षण शिविर में ट्रेनिंग ली। एती की उम्र अभी 14 वर्ष है।
उन्होंने कहा कि मेरा परिवार चाहता था कि मेरी छोटी उम्र में ही शादी हो जाए, लेकिन मैंने इसका विरोध किया। मैं दो दिन तक रोती रही और खाना-पीना भी छोड़ दिया था। मैंने परिवार पर ढाका तीरंदाजी प्रशिक्षण शिविर में नाम लिखाने के लिए दबाव बनाया। अब मेरा सपना ओलंपिक में मेडल जीतना है।