राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में राष्ट्रपति के हाथों का देश का सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न ग्रहण करना हर खिलाड़ी का सपना होता है। विश्वनाथन आनंद, सचिन तेंदुलकर, अभिनव बिंद्रा, सुशील कुमार, विजेंदर सिंह, मैरी कॉम, विराट कोहली समेत कई दिग्गजों ने इस मौके को नहीं छोड़ा, लेकिन ओलंपिक क्वालिफाई करने के लिए पहलवान बजरंग ने अपने जीवन के इस अनमोल क्षण को त्यागने का फैसला कर अपना कद और ऊंचा कर लिया है।
यह सच्चाई है 16 अगस्त को राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड के लिए चुने गए बजरंग 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों खेल रत्न ग्रहण करने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने सिर पर खड़ी ओलंपिक क्वालिफाइंग विश्व चैंपियनशिप की तैयारियों को वरीयता देते हुए इस भरे-पूरे समारोह को छोड़ बाद में सादगी से खेल मंत्री के हाथों खेल रत्न बनने का फैसला लिया है।