सुशील 74 किग्रा वर्ग में बहरीन के एडम बातिरोव से 3-5 से हारे। सुशील को एशियाई खेलों के लिए हुए ट्रायल में छूट दी गई थी और वह यहां चार साल में पहली बाउट हारने के बाद आए थे।
पहले पीरियड में सुशील ने 2-1 की बढ़त बनाई हुई थी लेकिन बहरीन के खिलाड़ी ने शानदार वापसी कर भारतीय प्रशंसकों को चुप कर दिया। उनकी हार से भारतीय खेमे के लिये हैरानी भरी है, सुशील खुद अपनी हार से हैरान थे।
उन्होंने कहा, ’मैंने इसकी उम्मीद नहीं की थी। मैं कोई बड़ा टूर्नामेंट खेलकर नहीं आया था, मेरी हार का यही कारण है। लेकिन यह खेल का हिस्सा है। मैं कड़ी मेहनत करूंगा और वापसी करूंगा। मैं सुस्त नहीं था, मैंने कोशिश की थी।’
लंदन ओलंपिक के रजत पदकधारी सुशील ने दूसरे पीरियड में स्कोर करने के दो मौके बनाये लेकिन वे इन्हें अंक में नहीं बदल सके जबकि बातिरोव ने कोई मौका नहीं गंवाया। वह 3-2 से आगे थे और फिर उन्होंने इस भारतीय को मैट से बाहर कर जीत दर्ज की।
वर्ष 2008 और 2012 ओलंपिक में क्रमश: कांस्य और रजत पदक जीतने वाले सुशील के पास रेपेचेज खेलने का मौका तब समाप्त हुआ जब बातिरोव क्वार्टरफाइनल की बाउट हार गए। अगर बातिरोव फाइनल में पहुंच जाते तो इस भारतीय को रेपेचेज के जरिये कांस्य पदक मुकाबले का मौका मिलता।
संदीप तोमर ने क्वार्टरफाइनल में हारने से पहले अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने तुर्कमेनिस्तान के रूस्तम नाजारोव के खिलाफ दूसरे दौर की बाउट 12-8 से जीती थी लेकिन उन्हें ईरान के रेजा अत्रिनाघार्ची से 9-15 से हार का मुंह देखना पड़ा। ईरान का यह पहलवान अपनी सेमीफाइनल बाउट हार गया जिससे संदीप का टूर्नामेंट में सफर खत्म हो गया।
तोमर ईरानी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ तकनीकी रूप से बेहतर प्रदर्शन की बदौलत 6-6 की बराबरी पर थे। लेकिन दूसरे पीरियड में रेजा ने बड़े स्कोर करने वाले दांव खेले और जीत दर्ज की।
मौसम खी को 97 किग्रा वर्ग में उज्बेकिस्तान के मागोमेद इब्रागिमो से 0-8 से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। खत्री पूरी बाउट के दौरान सुस्त दिखे और उन्होंने कोई आक्रामक दांव नहीं खेला।
वहीं 86 किग्रा में पवन कुमार ने कम्बोडिया के हेंग वुथी को 8-0 से पराजित कर अच्छी शुरूआत की लेकिन वह बाद में ईरान के मौजूदा विश्व चैम्पियन हसन याजदानी चराती से हार गये जो तकनीकी रूप से उनके फाकी बेहतरत थे।
याजदानी रियो ओलंपिक पदक के स्वर्ण पदक विजेता भी हैं, इसके अलावा वह तीन विश्व कप स्वर्ण पदक भी जीत चुके हैं।