हरियाणा के 22 साल के रवि ने कहा, 'विश्व चैम्पियनशिप में काफी कड़ा मुकाबला होगा। एशिया कुश्ती का गढ़ हैं। वहां जापान, ईरान, मंगोलिया और कजाखस्तान के पहलवानों से कड़ी टक्कर मिलेगी। मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं और अच्छे नतीजे की उम्मीद है।'
दीपक पूनिया ने 86 किग्रा वर्ग में पवन के खिलाफ 5-0 से जीत दर्ज की। इस वर्ग में सिर्फ यही दो पहलवाना दावेदारी पेश कर रहे थे। छत्रसाल स्टेडियम में कोच विरेन्द्र के साथ प्रशिक्षण करने वाले 20 साल के दीपक के पास अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का अनुभव हैं। मौसम खत्री ने 97 किग्रा भारवर्ग में सत्यव्रत कादियान को 8-1 से शिकस्त दी।
रियो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक के पति सत्यव्रत के खिलाफ खत्री ने शानदार बचाव करने के साथ जवाबी हमला भी किया। सुमित मलिक ने भी कजाखस्तान के लिए टिकट हासिल किया। उन्होंने 125 किग्रा भारवर्ग में सतेन्द्र को 3-0 से हराया।
ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार हालांकि शुक्रवार को ट्रायल्स में भाग नहीं ले सके क्योंकि 74 किग्रा में उनके प्रतिस्पर्धी जितेन्द्र कुमार और प्रवीण कुमार चोटिल है। दोनों पहलवानों ने चोट से वापसी के लिए और अधिक समय मांगा जिसे डब्ल्यूएफआई ने मान लिया।
कोच शाको बेंटिनिडिस ने कहा,
बजरंग के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई बार उनकी एकाग्रता बरकरार नहीं रह पाती और वह अंक गंवा देते हैं। एकाग्रता भंग होने के कारण वह तीन-चार अंक गंवा देते हैं। हम इस पहलू पर काम कर रहे हैं। यह मुश्किल है। जब मैं यहां आया था तब वह 18 साल के थे और अब वह 26 साल के हैं। ऐसे में उसे बदलना थोड़ा मुश्किल है लेकिन मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहा हूं। बजरंग और विनेश ओलंपिक पदक के करीब हैं। लेकिन एक गलत मुकाबले से आप बाहर हो सकते हैं। कई दिग्गज खिलाड़ियों को ओलंपिक में हार का सामना करना पड़ेगा। यह काफी गंभीर मुकाबला है। आपको सब कुछ दांव पर लगाना होगा। एक खराब मुकाबला या 30 सेकंड का खराब खेल आपको बाहर का रास्ता दिखा सकता है।