इसके बाद अश्वनी का नाम काटकर मेस्यूज रूमा कार का नाम मंत्रालय ने डाल दिया। यही नहीं धर्मेंद्र तिवारी की जगह एससी रॉय का नाम डाला गयाए लेकिन आईओए ने दोनों का ही नाम मंजूर नहीं किया। आईओए का तर्क है कि इन दोनों के मान्यता कार्ड नहीं बन पाए हैं, जिसके चलते दोनों ही यहां नहीं आ पाए हैं।
महिला तीरंदाजों ने जकार्ता में अमर उजाला से खुलासा किया कि यहां उमस भरी गर्मी है। ऐसे में प्रैक्टिस के बाद मेस्यूज होने का काफी फायदा होता, लेकिन यहां कोई नहीं आया है। वहीं टीम के पुरुष तीरंदाजों का कहना है कि अगर मेस्यूज नहीं आनी थी तो मैस्योर का नाम क्यों हटाया गया कम से कम उन्हें तो उसका फायदा मिलता। अब दोनों को ही इनका फायदा नहीं मिल रहा है।
रीकर्व के साथ कंपाउंड कोच खड़ा करने की तैयारी
कोच एससी रॉय के नहीं आने पर कंपटीशन के दौरान रीकर्व तीरंदाजों के पीछे कंपाउंड कोच को खड़ा करने की तैयारी की जा रही है। कंपटीशन के दौरान तीरंदाज के पीछे कोच खड़ा होता है। दिक्कत न हो इस लिए टीम के साथ दो कोच भेजे जाते हैं, लेकिन यहां रीकर्व तीरंदाजों के पास महज सवाइयां माझी हैं, जबकि जीवनजोत सिंह और रिछपाल कंपाउंड तीरंदाजों के साथ हैं।