मुक्केबाजी जहां एशियन खेलों में भारत का मजबूत पक्ष माना जाता है, जहां से देश का हर मुक्केबाज सोना जीतने की ताकत रखता है, ऐसे खेल में हमारा एक भी पहलवान फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया था, ऐसे में हरियाणा के रोहतक के इस लाल ने न सिर्फ खिताबी मुकाबले में जगह बनाई बल्कि हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा भी कर दिया।