छह-छह तीरों के पहले तीन प्रयास में, ज्योति, अदिति और परनीत केवल दो बार परफेक्ट 10 से चूकीं। इन तीनों ने शुरुआत में ही मार्सेला टोनियोली, आइरीन फ्रैंचिनी और एलिसा रोनर की इटली की तिकड़ी पर 178-171 की अच्छी बढ़त ले ली थी।
एशियाई खेलों की चैंपियन ज्योति सुरेखा वेन्नम ने शानदार प्रदर्शन कर शंघाई में चल रहे तीरंदाजी विश्व कप के पहले चरण में स्वर्ण पदक की हैट्रिक लगाई जिससे भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने पांच पदक जीते।
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दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी ज्योति ने सत्र के शुरुआती वैश्विक टूर्नामेंट में मेक्सिको की शीर्ष वरीय आंद्रिया बेसेरा को शूटऑफ में हराकर यह उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही वह तीन बार की ओलंपियन दीपिका कुमारी के बाद एक विश्व कप में स्वर्ण तीन पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय बनीं। इससे पहले, भारतीय पुरूष और महिला कंपाउंड टीमों ने तीरंदाजी विश्व कप के पहले चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीते। महिलाओं की कंपाउंड टीम स्पर्धा में इटली को 236-225 से हराकर अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। शीर्ष वरीयता प्राप्त ज्योति सुरेखा वेन्नम, अदिति स्वामी और परनीत कौर की टीम ने 24 तीरों में से केवल चार अंक गंवाकर छठी वरीयता प्राप्त इटली को अच्छे अंतर से हरा दिया और सीजन के शुरुआती वैश्विक शोपीस में अपना खाता खोला।
छह-छह तीरों के पहले तीन प्रयास में, ज्योति, अदिति और परनीत केवल दो बार परफेक्ट 10 से चूकीं। इन तीनों ने शुरुआत में ही मार्सेला तोनिओली, इरेने फ्रांचिनी और एलिसा रोनेर की इटली की तिकड़ी पर 178-171 की अच्छी बढ़त ले ली थी। अंत में भारतीय खिलाड़ियों ने दो अंक गंवाए, लेकिन इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ा और उन्होंने 11 अंकों के अंतर से स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
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पुरूष टीम में अभिषेक वर्मा, प्रियांश और प्रथमेश एफ ने नीदरलैंड को 238-231 से मात दी। नीदरलैंड की टीम में माइक शोलेसर, सिल पीटर और स्टेफ विलेम्स थे। चौथी वरीयता प्राप्त पुरूष टीम ने 60 स्कोर करके परफेक्ट शुरूआत की और अगले दो सेट में दो ही अंक गंवाए। इसके बाद फाइनल सेट में परफेक्ट 60 स्कोर करके जीत दर्ज की।