खेल मंत्रालय की ओर से द्रोणाचार्य अवार्ड छिनने से नाराज तीरंदाजी कोच जीवनजोत सिंह तेजा ने भारतीय टीम के कोच पद से इस्तीफा दे दिया है।
वहीं, अर्जुन अवार्डी तीरंदाज ज्योति सुरेखा और जकार्ता एशियाई खेलों की टीम में शामिल संगमप्रीत सिंह समेत 10 तीरंदाज कोच के समर्थन में खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मिलने के लिए उनके घर पहुंच गए। हालांकि तीरंदाज मंत्री से मिलने में सफल नहीं हो पाए। वहीं जीवनजोत ने अवार्ड छिनने पर अदालत की शरण ले ली है।
जीवनजोत सिंह का कहना है कि उन्होंने उनके साथ हुई नाइंसाफी के चलते भारतीय टीम के कोच पद से इस्तीफा दिया है। साथ ही पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील भी दाखिल कर दी है।
वहीं, शुक्रवार की सुबह तीरंदाज खेल मंत्री से मिलने के लिए उनके घर जा पहुंचे। कोच गौरव शर्मा के मुताबिक ज्योति, संगमप्रीत के अलावा वल्र्ड कप के गोल्ड मेडलिस्ट अमनजीत सिंह, ललित जैन, इंदरजीत वर्मा, ऋद्धि फोर समेत सोनीपत कैंप में शामिल 10 तीरंदाज खेल मंत्री से मिलने पहुंचे।
उनका मकसद यही था कि वह खेल मंत्री से अपील करना चाह रहे थे कि उनके कोच के साथ नाइंसाफी हुई है। उन्हें द्रोणाचार्य अवार्ड दिया जाए, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। तीरंदाज एक बार फिर खेल मंत्री से मिलने की कोशिश करेंगे।