केंद्रीय मंत्री विजय गोयल की विवादित सेल्फी से रियो ओलंपिक के दौरान देश की बदनामी के बाद एक और खेल मंत्री ने किरकिरी कराई है। इस बार हरियाणा के खेल मंत्री विवादों में आ गए हैं।
ओलंपिक शुरू होने के मध्य में हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज 9 सदस्यीय दल के साथ रियो रवाना हो गए। इस दल के जाने पर कुल एक करोड़ की भारी राशि खर्च भी हुई, लेकिन सफाई में कहा गया था कि खेल मंत्री अपने प्रदेश के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए वहां गए हैं। खुद विज ने भारत छोड़ने से पहले ट्विट कर कहा था कि वह ओलंपिक में गए हरियाणा के खिलाड़ियों को इनकरेज करने के लिए जा रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि विज ने रियो पहुंचने के बाद अभी एक भी मैच नहीं देखा है। हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के अनुसार, विज और उनका दल हरियाणा के खिलाड़ियों के मैच देखने के बजाए बीच और शहर घूमने में रुचि ले रहा है।
विज के इस दल में हरियाणा के ही 2 भाजपा के विधायक ध्यानचंद गुप्ता और रणधीर सिंह कापरिवास के अलावा मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य भी शामिल हैं। इनके अलावा खेल के अतिरिक्त मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, और संयुक्त खेल निदेशक ओपी शर्मा भी इस दल के साथ रियो गए हैं। अनिल विज के निजी सचिव और खंडेलवाल के निजी सचिव भी इस दौरे पर रियो गए हैं।
खेल मंत्री के मैच नहीं देखने से नाराज हुए मुक्केबाज विकास
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हरियाणा के खेल मंत्री के रविवार रात (14 अगस्त) रियो पहुंचने के बाद से उन्होंने अपने प्रदेश के किसी भी खिलाड़ी का कोई मैच नहीं देखा है। 15 अगस्त सोमवार को मुक्केबाजी में विकास कृष्णन का बेहद अहम क्वार्टर फाइनल मुकाबला था लेकिन विज वहां नहीं पहुंचे। विकास हरियाणा पुलिस में डीएसपी भी हैं।
इसके बाद सोमवार को ही हरियाणा के 2 अन्य खिलाड़ी डिस्कस थ्रो में सीमा अंतिल और ग्रीको रोमन कुश्ती में रविंदर खत्री का मुकाबला था वहां भी वह नदारद रहे।
सोमवार के बाद मंगलवार अनिल विज की अगुवाई में गए इस दल ने ज्यादातर समय बीच होटल और शहर घूमने में बिताया। मंगलवार को ग्रीको रोमन में ही 98 किग्रा भार वर्ग में हरदीप सिंह का मैच था और इस मैच में भी वह दिखाई नहीं दिए।
खेल मंत्री के मैच देखने में रुचि नहीं लेने पर मुक्केबाज विकास कृष्णन काफी नाराज दिखे। उन्होंने कहा, "यह व्यवस्था के साथ मजाक है। एक तरफ को खेल विभाग खिलाड़ियों के बुनियादी सुविधाएं देने में नाकाम हो जाती है तो दूसरी तरफ वे (खेल विभाग) रियो घूमाने के नाम पर लाखों रुपए खर्च कर रहे हैं।"
रियो में विजय गोयल पर लगा था खराब व्यवहार करने का आरोप
विजय गोयल
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विजय गोयल पर आरोप था कि वो मान्यता प्राप्त जगहों पर गैर मान्यता प्राप्त लोगों को लेकर घुस गए। इस कारण ओलंपिक आयोजकों ने धमकी दी थी कि भारत के केंद्रीय खेल मंत्री गोयल को दी जा रही सभी सुविधाएं और अधिकारों को भी उनसे वापिस ले लिया जाएगा।
खेल मंत्री खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए रियो में गए हुए थे। गोयल के अलावा उनके स्टाफ पर भी खराब व्यवहार के आरोप लगे।
ओलंपिक कमेटी ने साफ कहा था कि यदि उनके साथी स्टाफ ने अपना रवैया नहीं बदला, तो खेल मंत्री की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। ओलंपिक आयोजन कमेटी ने पत्र लिख कर कहा भारत के शेफ-डे-मिशन राकेश गुप्ता से कहा था कि उनके पास कई शिकायतें और रिपोर्ट हैं, जिनमें कहा गया है कि गोयल गैर मान्यता प्राप्त लोगों को एरिना में लेकर घुस रहे हैं। जब उन्हें रोका गया तो उन्होंने आक्रामक होकर स्टाफ को धक्का देकर अंदर घुस गए।