कोर्ट ने अपराध को बताया 'पूर्व नियोजित और वीभत्स हमला'
अदालत ने कहा कि सामान्य तौर पर जमानत नियम और जेल अपवाद है, लेकिन मौजूदा मामले में कथित अपराध 'पूर्व नियोजित और वीभत्स हमला था, जिसके परिणामस्वरूप मौत हुई।' कोर्ट ने कहा कि मामले में आग्नेयास्त्र की बरामदगी, वीडियो साक्ष्य और बड़ी मात्रा में ऐसी सामग्री मौजूद है, जिसकी ट्रायल के दौरान जांच होनी अभी बाकी है।
सुशील के वकील ने क्या दलील दी?
- जमानत की मांग करते हुए सुशील कुमार के वकील ने दलील दी कि मृतक सागर धनखड़ के पिता, जिनकी शिकायत के आधार पर पहले जमानत रद्द हुई थी, अब ट्रायल में अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं कर रहे हैं। बचाव पक्ष ने इसे परिस्थितियों में बदलाव बताया।
- साथ ही दलील दी गई कि सुशील कुमार पांच साल से अधिक समय से हिरासत में हैं और अब केवल औपचारिक तथा सरकारी गवाहों की गवाही बाकी है। इसलिए उन्हें नियमित जमानत दी जानी चाहिए। हालांकि, दिल्ली पुलिस और सागर धनखड़ के पिता ने जमानत याचिका का विरोध किया।