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महिला हॉकी विश्व कप: कप्तान सलीमा टेटे की नजरें स्वर्ण पर, बोलीं- हर मैच में जीत की मानसिकता के साथ उतरेंगे

Tue, 11 Aug 2026 03:45 PM IST
मयंक त्रिपाठी हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 में स्वर्ण पदक जीतने का भरोसा जताया है। नेशंस कप की जीत से उत्साहित भारतीय टीम 16 अगस्त को चीन के खिलाफ अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगी।
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सलीमा टेटे - फोटो : Hockey India (x)
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विस्तार
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भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे की नजरें एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 में स्वर्ण पदक पर टिकी हैं। न्यूजीलैंड में एफआईएच नेशंस कप का खिताब जीतने के बाद आत्मविश्वास से लबरेज भारतीय टीम विश्व कप में भी शानदार प्रदर्शन के लिए तैयार है।
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क्या बोलीं सलीमा टेटे?
  • भारत ने जून में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में खेले गए एफआईएच नेशंस कप में पूरे टूर्नामेंट के दौरान एक भी मैच नहीं गंवाया था।
  • टीम ने फाइनल में मेजबान न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया था।
  • विश्व कप से पहले जियोस्टार से बातचीत में सलीमा टेटे ने कहा कि नेशंस कप की सफलता से टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और खिलाड़ी इस लय को विश्व कप में भी जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
  • उन्होंने कहा, 'कप्तान के तौर पर मेरी भूमिका मैदान पर हर खिलाड़ी का समर्थन करना है। हम जीत रहे हों या हार रहे हों, मैं टीम के साथ खड़ी रहती हूं। इस बार एफआईएच हॉकी विश्व कप हमारा होगा। हम समझदारी के साथ आक्रामक हॉकी खेलेंगे और पदक लेकर लौटेंगे। मुझे अपनी टीम पर पूरा भरोसा है। हमारे पास ऐसा करने की क्षमता है।'

15 अगस्त से शुरू होगा विश्व कप
बेल्जियम और नीदरलैंड्स की संयुक्त मेजबानी में एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक खेला जाएगा। भारत को पूल-डी में चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ रखा गया है। पूल के सभी मुकाबले नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन स्थित वेगेनर हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 16 अगस्त को चीन के खिलाफ करेगी। इसके बाद 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका और 20 अगस्त को इंग्लैंड से मुकाबला होगा।

दूसरी बार विश्व कप में उतरेंगी सलीमा
  • सलीमा टेटे अपने करियर में दूसरी बार विश्व कप में हिस्सा लेंगी।
  • उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी का सपना विश्व कप खेलना और देश के लिए पदक जीतना होता है।
  • उन्होंने कहा, 'मैं इस विश्व कप को लेकर बेहद उत्साहित हूं, खासकर इसलिए क्योंकि यह मेरा दूसरा विश्व कप है। हर खिलाड़ी विश्व कप में खेलना और पदक जीतना चाहता है। न्यूजीलैंड में हमारा पिछला टूर्नामेंट एफआईएच नेशंस कप शानदार रहा। हमने इसे जीता और पदक अपने नाम किया। अब विश्व कप में भी हमारा लक्ष्य वही है।'
  • सलीमा ने कहा कि टीम हर मुकाबले को समान महत्व देगी और अपना सर्वश्रेष्ठ हॉकी खेलकर स्वर्ण पदक जीतने की पूरी कोशिश करेगी।

युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा टीम के लिए अहम
भारतीय कप्तान ने टीम में शामिल युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी टीम में आते हैं तो अपने साथ काफी ऊर्जा लेकर आते हैं, जो पूरे समूह का उत्साह बढ़ाती है। सलीमा ने साक्षी राणा, इशिका और रुतुजा दादासो पिसाल जैसी युवा खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें बिना किसी दबाव के अपना खेल खेलने की आजादी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं उनसे हमेशा कहती हूं कि खुलकर खेलो और खेल का आनंद लो। दबाव उठाना उनका काम नहीं है। सीनियर खिलाड़ी इसे संभालने के लिए मौजूद हैं। मैं चाहती हूं कि वे अपने खेल पर ध्यान दें और मैदान पर खुद को खुलकर व्यक्त करें।'
 
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'गलती से सीखना जरूरी, दबाव लेने की जरूरत नहीं'
विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में दबाव और घबराहट को स्वाभाविक बताते हुए सलीमा ने कहा कि टीम को इन भावनाओं को सकारात्मक तरीके से इस्तेमाल करना होगा। उन्होंने कहा, 'विश्व कप हर खिलाड़ी का सपना होता है। यह हमारे लिए बहुत बड़ा मौका है। हमारा पूल चुनौतीपूर्ण है और हम कड़े मुकाबलों के लिए तैयारी कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य हर मैच में स्पष्ट योजना और जीत की मानसिकता के साथ उतरना है।'

उन्होंने आगे कहा, 'मुझे भी घबराहट होती है और यह सामान्य है। हर खिलाड़ी इससे गुजरता है। लेकिन जब मैं मैदान पर उतरती हूं तो खुद से कहती हूं कि मुझे अपनी टीम के लिए खेलना है, हर खिलाड़ी का समर्थन करना है और जिम्मेदारी लेनी है।' सलीमा ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी गलती करता है तो उसे लेकर नकारात्मक होने के बजाय उससे सीखना चाहिए। कप्तान के तौर पर उनका फोकस टीम में सकारात्मक माहौल और ऊर्जा बनाए रखने पर है।

'हम बिना डर के आक्रमण करेंगे'
भारतीय कप्तान ने टीम के गोलकीपरों की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि गोलकीपरों का आत्मविश्वास आउटफील्ड खिलाड़ियों को बिना किसी डर के आक्रमण करने में मदद करता है। सलीमा ने कहा, 'हमारे पास कुछ बेहतरीन गोलकीपर हैं, जो लगातार हमारा हौसला बढ़ाते हैं। जब वे कहते हैं कि आप आगे बढ़कर खेलिए, पीछे की जिम्मेदारी हम संभाल लेंगे, तो इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है।' उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ियों को भरोसा होता है कि गोलकीपर उनके पीछे मजबूती से खड़ा है, तो वे बिना डर के खेल सकते हैं।

विश्व कप से पहले जर्मनी में अभ्यास
विश्व कप की तैयारियों के तहत भारतीय टीम ने बेंगलुरु में प्रशिक्षण शिविर लगाया। इसके बाद टीम जर्मनी गई, जहां उसने मेजबान टीम के खिलाफ दो अभ्यास मैच खेले। इसके बाद भारतीय टीम नीदरलैंड्स पहुंची। सलीमा ने कहा कि टीम हर गेंद के लिए पूरी ताकत से लड़ने और हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार है। कप्तान का लक्ष्य साफ है विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के साथ भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल करना।
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