विश्व चैंपियनशिप के एकमात्र रजत पदक विजेता भारतीय मुक्केबाज अमित पंघाल (52 किग्रा), कविंदर सिंह बिष्ट (57 किग्रा) और संजीत (91 किग्रा) फ्रांस के नांटेस के अलेक्सिस वेस्टाइन अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी टूर्नामेंट में स्वर्णिम पंच से एक जीत दूर हैं। हरियाणा के पंघाल ने सेमीफाइनल में अमेरिका के क्रिस्टोफर हेरेरा को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। उनके ड्रॉ में सिर्फ चार मुक्केबाज थे।
एशियाई चैंपियनिशप के रजत पदक विजेता कविंदर ने फ्रांस के बेनिक जार्ज मेलकुमैन को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से मात दी। फाइनल में उनका मुकाबला एक अन्य स्थानीय मुक्केबाज सैमुअल किस्टोहरी से होगा। इंडिया ओपन के चैंपियन संजीत ने अमेरिका केशेरोड फुुलगम को 2-1 से हराया। फाइनल में उनका सामना फ्रांस के सोहेब बोफिया से होगा। मार्च में जॉर्डन में ओलंपिक क्वालिफायर्स में भाग लेने के बाद पहली बार किसी टूर्नामेंट में खेल रहे हैं भारतीय मुक्केबाज।
थापा को कांसे से करना पड़ा संतोष :
शिव थापा (63 किग्रा) को सेमीफाइनल में स्थानी खिलाड़ी लोनेस हमरोइ के हाथों 1-2 से हारकर कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।