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देश की 'स्वर्ण बेटी' हिमा दास का अपमान करने के बाद एएफआई ने मांगी माफी, कहा- उनसे क्षमा जो नाराज हैं

Fri, 13 Jul 2018 07:03 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देश को गोल्ड मेडल दिलाने वाली हिमा दास की अंग्रेजी को लेकर उनका अपमान करने के बाद अब एएफआई ने माफी मांग ली है।

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एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने ट्वीट किया कि, 'सभी भारतवासियों से क्षमा अगर हमारी एक TWEET से आप आहत हुए है! असल उद्देश्य यह दर्शाना था कि हमारी धाविका किसी भी कठनाई से नहीं घबराती, मैदान के अंदर या बाहर! छोटे से गाँव से आने के बावजूद, विदेश में अंग्रेजी पत्रकार से बेझिझक बात की! एक बार फिर उनसे क्षमा जो नाराज हैं,  जय हिन्द!
 

दरअसल, देश के लिए गोल्ड जीतने वाली इस होनहार एथलीट की कामयाबी शायद 'एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' को रास नहीं आई थी। सेमीफाइनल में हिमा की जीत के बाद एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से बेशर्मी के साथ एक ट्वीट किया गया था। इस ट्वीट में फेडरेशन ने हिमा को उनकी खराब इंग्लिश के चलते घेरा था।
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फेडरेशन की ओर से जारी इस ट्वीट में लिखा था, 'सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने के बाद हिमा दास ने मीडिया से बातचीत की। इंग्लिश अच्छी नहीं है, फिर भी अपना बेस्ट दिया। फाइनल में और ज्यादा अच्छा करने की कोशिश करना।' हिमा दास की अंग्रेजी पर तंज कसने वाली एएफआई को शायद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से ज्यादा अच्छी अंग्रेजी बोलने वालों की जरूरत है।

इस ट्वीट के बाद दुनिया भर के खेलप्रेमियों में रोष का माहौल देखा गया था। फेडरेशन के इस ट्वीट को लेकर सभी भारतीय ने जमकर आलोचना की थी। खुद को घिरता देख अब आनन-फानन में अपनी गलती सुधारते हुए एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से यह सफाई भरा ट्वीट किया गया।
 

गौर करने वाली बात यह है कि हिमा को इंग्लिश का पाठ पढ़ाने वाले फेडरेशन के अधिकारियों को खुद अंग्रेजी की क्लास लेने की जरूरत है। दरअसल इस ट्वीट में एक जगह स्पीकिंग शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी स्पैलिंग 'speking' लिखी गई है। फेडरेशन ने अपने इस ट्वीट के लिए माफी मांग ली है।
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बताते चले कि, 400 मीटर दौड़ स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर 18 वर्षीय हिमा दास ने इतिहास रचा था। दुनिया भर में भारत की इस 'स्वर्ण बेटी' की चर्चाएं थी। हिमा दास का नाम गूगल में सबसे ऊपर ट्रेंड करने लगा था। यह पहला मौका था जब भारत को आईएएएफ की ट्रैक स्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल हुआ है। उनसे पहले भारत की कोई महिला खिलाड़ी जूनियर या सीनियर किसी भी स्तर पर विश्व चैम्पियनशिप में गोल्ड नहीं जीत सकी थी। हिमा ने यह दौड़ 51.46 सेकेंड में पूरी की।

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