अपने पिता के साथ जीव मिल्खा सिंह
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जीव की माने तो, 'वह पहले मरीज की जांच करती है जिसके बाद उन्हें पृथकवास के लिए विशेष वार्ड में भेजा जाता है। मुझे उस पर गर्व है। वह हर रोज मैराथन दौड़ रही है। वह हफ्ते में पांच दिन काम करती है। कभी दिन में, कभी रात में और बारह बारह घंटे। मैं उसे लेकर चिंतित हूं। लोगों का इलाज करते समय कुछ भी हो सकता है।'
मम्मी-पापा करते हैं रोज बात
'हम उससे रोज बात करते हैं। मम्मी पापा भी रोज उससे बात करते हैं। मैं उसे सकारात्मक रहने और प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिये कहता हूं, उन्होने कोरोना के खिलाफ मोर्चे पर काम में लगे कर्मवीरों का सम्मान करने की अपील की।'
कोरोना वॉरियर्स का सम्मान करें
भारत में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमलों की घटनाए सामने आई हैं। जीव ने कहा कि, 'मैं देश के हर नागरिक से अपील करना चाहता हूं कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जुटे लोगों का सम्मान करे। चाहे वह डॉक्टर हो, पुलिस या फिर सफाईकर्मी। उनका सम्मान करना चाहिए और उनकी चिंता करनी चाहिए।