दोहा एशियाई खेलों के ट्रिपल गोल्ड मेडलिस्ट जसपाल राणा अपने कंधों पर नई जिम्मेदारी उठाने जा रहे हैं। वह अब देश के उभरते शूटरों को तराशेंगे। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने उनके अपार अनुभव को देखते हुए उन्हें जूनियर पिस्टल टीम का चीफ कोच नियुक्त किया है।
राणा भी इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनके मुंह से छूटते ही निकलता है कि दो साल में परिणाम देखिएगा। वह इस नई भूमिका को बतौर चुनौती लेने जा रहे हैं। यही नहीं एनआरएआई ने नेशनल कोच पद समाप्त कर सनी थामस की विदाई को स्वीकार कर लिया है। अब उसने राइफल, पिस्टल और शॉट गन में अलग चीफ कोच की तैनाती कर दी है।
यह फैसले एनआरएआई अध्यक्ष रणइंदर सिंह और साई महानिदेशक गोपाल कृष्ण के बीच सोमवार की शाम हुई बैठक में लिए गए। खास बात यह है कि कोचिंग के लिए पुराने शूटर याद किए गए हैं। सीनियर पिस्टल टीम का चीफ कोच अर्जुन अवार्डी शूटर मोहिंदर लाल को लगाया गया है। उनके साथ वाजिद अली और आभा ढिल्लन होंगे। जबकि ओलंपियन दीपाली देशपांडे को जूनियर राइफल और पूर्व अंतरराष्ट्रीय शूटर पीएस सोढी को जूनियर शॉटगन टीम की कमान सौंपी गई है।
इसी तरह सीनियर राइफल के चीफ कोच कुंवर रंधीर सिंह होंगे। हालांकि यहां कोच संजय चक्रवर्ती को बाहर किए जाने का निर्णय विवादास्पद माना जा रहा है। शॉट गन के चीफ कोच पद्मनाभन बनाए गए हैं। उनके साथ बीबी सिंह, अमरजंग और रवि कोठारी शामिल किए गए हैं।
वहीं, जसपाल राणा साफ करते हैं कि वह खुद की शूटिंग जारी रखेंगे। लेकिन उनके मन में हमेशा यह बात रही है कि अपना अनुभव जूनियर शूटरों के साथ सांझा करें। उन्हें इस काम में बेहद मजा आएगा और इसे वह पूरी तन्मयता से निभाने जा रहे हैं। यही कारण है कि उन्होंने सीनियर की बजाय जूनियर टीम की जिम्मेदारी संभाली है।
एनआरएआई के एडवाइजर बीएस सेठी जसपाल के कोचिंग में कदम रखने से उत्साहित हैं। वह कहते हैं कि यह पिस्टल शूटिंग के लिए शुभ संकेत है। सेठी का कहना है कि इन प्रशिक्षकों के काम की समीक्षा एक कमेटी करेगी। संतोषजनक नहीं पाए जाने पर ये बदले भी जाएंगे।