महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में नीतू घणघस ने कमाल का प्रदर्शन किया है और देश के लिए स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने दिल्ली में आईबीए महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 45-48 किग्रा भारवर्ग में मंगोलिया की लुत्साइखान को हरा दिया। वह पहली बार विश्व चैंपियन बनी हैं। वह पिछले कुछ समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और बड़ी प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीत रही हैं। हालांकि, नीतू ने इसकी झलक काफी पहले ही दिखा दी थी, जब उन्होंने दुनिया की महान मुक्केबाज मैरीकॉम को हराया था। हालांकि, नीतू के लिए विश्व चैंपियन बनने तक का सफर आसान नहीं रहा है। यहां हम उनकी सफर के बारे में बता रहे हैं।
नीतू एक सामान्य परिवार से आती हैं। उनके पिता जयभगवान विधानसभा में बिल मैसेंजर का काम करते हैं। हरियाणा के भिवानी के गांव धनाना में रहने वाली नीतू ने 2012 में अपना बॉक्सिंग करियर शुरू किया था, लेकिन दो साल तक वह कोई पदक नहीं जीत पाईं। इसके बाद वह निराश हो गईं और बॉक्सिंग छोड़ने के बारे में सोचने लगीं। हालांकि, पिता ने उनका हौंसला बढ़ाया और मेहनत करते रहने को कहा। इसी का नतीजा था कि नीतू ने दमदार वापसी की। उनके करियर का सबसे बड़ा पल 2022 में आया, जब उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए स्वर्ण पदक जीता। अब महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।
मैरीकॉम को हराकर सुर्खियों में आई थीं
मिनी क्यूबा के नाम से जाने जानेवाली नीतू घणघस के मुक्कों से अनुभवी भारतीय मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम लड़खड़ा गई थीं। रिंग में मैच के दौरान मैरीकॉम को घुटने में चोट लगने के बाद राष्ट्रमंडल खेलों के 48 किग्रा के ट्रायल के बीच में ही हटने के लिए मजबूर होना पड़ा था। 6 बार की विश्व चैंपियन मैरीकॉम को सेमीफाइनल के पहले राउंड में ही नीतू ने धूल चटा दी थी।
2012 में किया था मुक्केबाजी का सफर शुरू
नीतू घणघस ने 2012 में बॉक्सिंग करियर की शुरुआत की थी। उनके कोच जगदीश थे। वह निरंतर मेहनत करती रही है और आज इस मुकाम पर पहुंची है। नीतू चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय से एमपीएड की पढ़ाई कर रही हैं। उनकी छोटी बहन तमन्ना शिमला से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। वहीं छोटा भाई अक्षित कुमार शूटिंग का खिलाड़ी है, जो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले चुका है।
मां के हाथ का चूरमा और करेले की सब्जी पहली पंसद
नीतू की मां मुकेश देवी ने बताया कि नीतू को उनके हाथ का बना देशी घी का चूरमा बहुत पसंद है। वह जब भी घर पर आती है तो उसके लिए हमेशा चूरमा बनता है। वहीं सब्जियों में करेला उसकी पहली पसंद है। रिंग में अभ्यास के साथ ही वह खाने-पीने का विशेष ध्यान रखती है, ताकि वजन में अधिक बढ़ोतरी न हो।
नीतू घणघस की प्रमुख उपलब्धियां
- वर्ष-2017 में यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप गुवाहाटी में स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2018 में यूथ एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- वर्ष-2018 यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2022 में सोफिया बुल्गारिया में हुए स्ट्रेडजा कप में स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2022 में बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2023 में नई दिल्ली में हुई महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।