नीतू ने कहा- इस चैंपियनशिप में उनका खेल सुधरा
दो बार की विश्व यूथ और बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों की विजेता नीतू के सामने दो बार एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य जीत चुकीं मंगोलिया की अल्तांतसेतसेग लुतसाइखान होंगी। नीतू अपना पहला विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण जीतने के लिए आश्वस्त लग रही हैं। वह कहती हैं कि उन्होंने इस चैंपियनशिप केदौरान अपने खेल में काफी सुधार किया है। पहले वह एक ही तरह से (काउंटर अटैक) बाउट लड़ती थीं, लेकिन अब उन्होंने पास जाकर भी खेलने शुरू किया है। कजाखस्तान की सर्वोच्च वरीय अलुआ के खिलाफ उन्होंने इसी तरह से खेला जिसमें उन्हें सफलता मिली।
स्वीटी ने नौ साल पहले जीता था रजत अब स्वर्ण जीतने का मौका
वहीं, 2014 की विश्व चैंपियनशिप का रजत जीतने वाली स्वीटी के पास अपने पदक का रंग बदलने का मौका है। स्वीटी के सामने 2018 की विश्व चैंपियन चीन की लिना वांग होंगी। स्वीटी के मुताबिक अभी तक उन्होंने इस टूर्नामेंट की दोनों बाउट में पहले दो दौर में अपना सर्वश्रेष्ठ आक्रामक प्रदर्शन किया है, जिसका उन्हें फायदा भी मिला है। इसी प्रदर्शन को वह फाइनल में जारी रखना चाहेंगी।
आलोचकों को कड़ा जवाब देना चाहती हैं लवलीना
2018 और 2019 में विश्व चैंपियनशिप का कांस्य जीतने वाली लवलीना टोक्यो ओलंपिक में कांस्य जीतने के बाद आलोचकों के निशाने पर रही हैं। वह यहां स्वर्ण जीतकर इन्हीं आलोचकों को गलत साबित करना चाहती हैं। लवलीना के सामने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल में कांस्य जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया की कैटलिन पार्कर होंगी। लवलीना उनके साथ आयरलैंड में राष्ट्रमंडल खेलों से पहले अभ्यास भी कर चुकी हैं। लवलीना ने भी नया भार वर्ग 75 किलो अपनाया है। वह कहती हैं कि इस भार में वह राष्ट्रीय खेल, राष्ट्रीय चैंपियनशिप खेल चुकी हैं। अब वह यहां अपने को ज्यादा अभ्यस्त महसूस कर रही हैं। नीचे के भार वर्ग से आने के कारण उन्हें अपनी तेजी का फायदा मिल रहा है।