इस्तांबुल में बीते वर्ष विश्व चैंपियन बनने के बाद निकहत जरीन और उनके प्रशिक्षकों के सामने बड़ा लक्ष्य इस पदवी को बरकरार रखना था। इसके लिए भारतीय टीम के प्रशिक्षकों मध्यम दूरी से लड़ने के उनके मजबूत पक्ष को और ज्यादा निखारने का फैसला लिया। यह इतना आसान नहीं था, क्यों इसके लिए उन्हें अपने से ज्यादा भार वर्ग और अपने से लंबे मुक्केबाजों से लगातार दो-दो हाथ करने थे। प्रशिक्षकों ने इसका तोड़ निकाला और उनसे वजन में 25 किलो ज्यादा, कहीं लंबी लवलीना से बाउट कराईं।
निकहत ने लवलीना को बनाया आक्रामक
टीम के मुख्य प्रशिक्षक भास्कर भट्ट बताते हैं कि लवलीना के साथ निकहत का अभ्यास कराने का नतीजा यह निकला कि उनका मध्यम दूरी का खेल और निखरा। वहीं लवलीना का भी तेजी के साथ खेलने वाले मुक्केबाज के साथ अभ्यास हुआ। लवलीना पहले दूर रहकर काउंटर अटैक करती थीं, लेकिन उन्हें भी निकहत के साथ खेल कर तेजी से मुक्के बरसाने पड़े और आक्रमण करना पड़ा। इस टूर्नामेंट में लवलीना पहली बार काउंटर अटैक की जगह लगातार आक्रमण करती दिखाई दे रही हैं।
इस्तांबुल के मुकाबले यहां ज्यादा अच्छी खेलीं
भास्कर कहते हैं कि मध्यम दूरी के मुक्केबाज को सभी तरह के पंच अपरकट, हुक, जैब आदि लगाने पड़ते हैं। लवलीना और अन्य साथी मुक्केबाजों के साथ अभ्यास कर निकहत का यह खेल और मजबूत हुआ। यही कारण है कि पिछली चैंपियनशिप के मुकाबले उनका यहां खेल बेहद शानदार रहा।