मोइन अली इंग्लैंड के नए क्रिकेट स्टार हैं। वो अपने खेल ही नहीं बल्कि निजी पहचान के कारण भी ध्यान खींचते हैं।
उनके लिए दाढ़ी उनके धर्म का और निजता का सवाल है। साथ ही वह अपनी सफलता को धर्म से जोड़ते हैं।
मोइन कहते हैं, ''मेरा धर्म सबसे पहले है और अपने धर्म के लिए मैं जो कुछ करता हूं, उससे मुझे प्रेम है। कभी-कभी क्रिकेटर सिर्फ अपने क्रिकेट में ही मग्न रहते हैं। मगर निजी तौर पर क्रिकेट मेरे लिए दूसरे नंबर पर है और मेरा धर्म पहले नंबर पर। यानी मैं इंसान के बतौर क्या अच्छा कर सकता हूं।''
तो क्या उन्हें लगता है कि धर्म ने उन्हें एक बेहतरीन क्रिकेटर के रूप में बदलने में मदद की है। मोइन इससे पूरी तरह सहमत हैं।
वो कहते हैं, ''हालांकि मेरा धर्म पहले आता है पर इसकी वजह से मेरे क्रिकेट पर जबर्दस्त असर पड़ा है। जब मैं खेलता हूं तो ज्यादा शांत रह पाता हूं। हर दिन को मैं उसी तरह कुबूल करता हूं जैसा वह मुझे मिला है। और मुझे लगता है कि शायद इसीलिए मैं अच्छा क्रिकेट खेल पाता हूं।''