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खुल गया सीक्रेट! जानिए किस बल्ले से निकली थी अफरीदी की सबसे तेज सेंचुरी

Mon, 20 Feb 2017 03:18 PM IST
बीबीसी
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ये तीसरा मौका है जब शाहिद अफरीदी ने संन्यास की घोषणा की है। सबसे पहले साल 2010 में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट छोड़ने की घोषणा की थी और 2015 में शाहिद ने वनडे क्रिकेट को भी गुड बाय कह दिया था, लेकिन इस बीच वनडे क्रिकेट से शाहिद का 'आना-जाना' लगा रहा।
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कभी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से मतभेद तो कभी किसी और वजह से वे संन्यास लेते रहे और उनकी वापसी होती रही। अब 36 वर्षीय शाहिद ने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट यानी टी-ट्वेंटी के साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है।

4 अक्टूबर, 1996 को जब अफरीदी श्रीलंका के ख़िलाफ मैदान पर उतरे तो ये उनका दूसरा अंतरराष्ट्रीय मैच था और शायद उनकी बैटिंग किट कहीं गुम हो गई था। उन्हें खेलने के लिए पाकिस्तानी स्पिनर सकलेन मुश्ताक के जूते और हेलमेट दिए गए। इस मैच में अफरीदी जिस बल्ले से ख़ेले वो सचिन तेंदुलकर का था।
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उस वक्त कोई नहीं जानता था कि अफरीदी इतिहास लिख़ने जा रहे हैं। उस वक्त अफरीदी महज 16 साल के थे। 11 छक्के, 6 चौके की मदद से 37 गेंदों में क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज शतक बनाकर वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर छा गए।
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अफरीदी का यादगार रिकॉर्ड

अफरीदी का ये रिकॉर्ड 17 साल तक नहीं टूटा। 2014 में न्यूजीलैंड के कोरी एंडरसन ने 36 गेंदों में शतक बनाया और इसके एक साल बाद दक्षिण अफ्रीका के एबी डीविलियर्स ने 31 गेंदों में सेंचुरी जड़ी। लेकिन कम ही लोगों को पता होगा कि जिस बल्ले से अफरीदी ने तूफान मचाया था वो बल्ला दरअसल मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का था।

​सचिन ने एक मर्तबा वकार यूनुस को अपना बैट देकर सियालकोट से ऐसा ही बल्ला बनवाने की गुजारिश की थी और नैरोबी के मैच में वकार ने अफरीदी को यही बल्ला खेलने के लिए दिया था।

पाकिस्तान में शाहिद अफरीदी की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जाता है कि 'मैं हूं शाहिद अफरीदी' नाम से 2013 में एक फिल्म भी बनी जिसमें खुद उन्होंने काम भी किया था।
 

ऑलराउंडर खिलाड़ी के तौर पर याद किए जाते है अफरीदी

वे एक ऐसे ऑलराउंडर खिलाड़ी के तौर पर याद किए जाएंगे जो आतिशी बल्लेबाजी के साथ-साथ लेग-स्पिन में भी माहिर था। उनकी बॉलिंग की विविधता के बारे में कहा जाता है कि वे लेग ब्रेक, गुगली, ऑफ स्पिन के साथ-साथ तेज गेंदें भी फेंकने का माद्दा रखते थे।

27 टेस्ट मैचों की 48 पारियों में शाहिद ने 86।97 की स्ट्राइक रेट से 36।51 रनों की औसत के साथ 1716 रन बनाए। हालांकि शाहिद का वनडे करियर लंबा रहा। 398 वनडे मैचों में 117 की स्ट्राइक रेट से 23।57 के औसत के साथ उन्होंने 8064 रन बनाए।

पाकिस्तान में शाहिद अफ़रीदी की लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जाता है कि 'मैं हूं शाहिद अफ़रीदी' नाम से 2013 में एक फ़िल्म भी बनी जिसमें खुद उन्होंने काम भी किया था.
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देखिए अफरीदी ने अब तक क्या-क्या कमाल किया

  टी-ट्वेंटी फॉरमेट में शाहिद सबसे ज्यादा गेंदें (2144) फेंकने वाले ख़िलाड़ी हैं। एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के (351) मारने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।   क्रिकेट के इतिहास का सबसे लंबा (158 मीटर) छक्का मारने का रिकॉर्ड भी शाहिद अफरीदी के नाम दर्ज है।   अफरीदी ने चार बार 21 से कम गेंदों पर हाफ सेंचुरी बनाई है।   अफरीदी जिस तरह की बल्लेबाजी करते थे, उसे देखते हुए कहा जाता है कि टी-ट्वेंटी फॉरमेट उन्हीं के लिए बना था। आप अंदाजा लगा सकते हैं, टी-ट्वेंटी में शाहिद 150।75 के स्ट्राइक रेट से खेले।
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