पिता की देखरेख में लक्ष्य ने होश संभालते ही बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया और वह चार साल की उम्र में स्टेडियम जाने लगे। छह-सात साल की उम्र में ही उनका खेल देखकर लोग हैरान हो जाते थे। लक्ष्य की दसवीं तक की पढ़ाई अल्मोड़ा के बीरशिवा स्कूल में ही हुई।
सभी लोगों का आभार: सेन
लक्ष्य की सफलता के पीछे उनके कोच पिता डीके सेन की मेहनत का बहुत बड़ा योगदान है। लक्ष्य की सफलता से गदगद कोच पिता डीके सेन ने कहा कि जिन लोगों ने लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहयोग किया है वह सभी का आभार जताते हैं। उन्होंने खास तौर पर बैडमिंटन खिलाड़ी और कोच प्रकाश पादुकोण, विमल कुमार, ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट, स्पोर्ट्स ऑथारिटी ऑफ इंडिया, उत्तराखंड बैडमिंटन परिवार व हर्बल लाइफ का आभार जताया है। लक्ष्य की मां निर्मला भी लक्ष्य की सफलता से बेहद खुश हैं।
नाम लक्ष्य सेन
उम्र 17 साल
पिता का नाम डीके सेन
माता का नाम निर्मला सेन
विजन जोश और जज्बे के साथ खेलना