खेलों के प्रति सरकार की बेरुखी सामने आ गई है। यह बात यूं ही नहीं कही जा रही है, दरअसल 10 नवंबर शुरू होने जा रहे राज्य ओलंपिक खेलों के लिए सरकार ने अभी तक कोई वित्तीय मदद नहीं जारी की है। राज्य ओलंपिक संघ के सूत्रों की माने तो एक साल पहले खेल मंत्री अरविंद पांडेय से बैठक करके वित्तीय मदद मांगी गई थी, तब से दो बार विभाग को रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है। लेकिन, अब तक सरकार ने खेलों के लिए कोई वित्तीय मदद देने का आदेश जारी नहीं किया है। उधर खेल निदेशक ने ओलंपिक संघ की ओर से आए किसी भी रिमांइडर की बात से किया इनकार किया है।
10 से 13 नवंबर तक रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर) में राज्य ओलंपिक खेलों का आयोजन किया जाना है। खेलों के आयोजन में करीब 70 लाख रुपये खर्च होगा। बताया जा रहा है कि 20-25 लाख रुपये तो खिलाड़ियों के आने-जाने का खर्च है। इसके अलावा खिलाड़ियों के मेडल, ट्राफी, रहने, खाने, टेंट, आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं पर भी 50 लाख रुपये खर्च आने की संभावना है। यह पूरा खर्च राज्य ओलंपिक संघ को ही उठाना पड़ेगा।
10 अक्तूबर 2017 को राज्य ओलंपिक संघ के सदस्यों ने खेल मंत्री अरविंद पांडेय, उप निदेशक खेल, जिला क्रीड़ा अधिकारी ऊधमसिंह नगर के साथ खेल मंत्री के आवास पर बैठक कर वित्तीय मदद मांगी थी। तब खेल मंत्री ने राज्य ओलंपिक में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के लिए परिवहन निगम की बसों में यात्रा निशुल्क करने का निर्देश विभाग को दिया था। इसके बाद भी खेल निदेशक के साथ ओलंपिक संघ के सदस्यों की दो बैठकें हुईं। अब राज्य खेलों की तारीख नजदीक आ गई है। वित्तीय मदद तो दूर, राज्य सरकार ने परिवहन निगम की बसों खिलाड़ियों की यात्रा निशुल्क करने का आदेश तक जारी नहीं किया गया है।
ये खेल हैं राज्य ओलंपिक में शामिल
एथलेटिक्स, हैंडबाल, वॉलीबाल, जूडो, ताइक्वांडो, कुश्ती, बॉक्सिंग, खो-खो, जिम्नॉस्टिक, फुटबाल, फेंसिंग, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, शूटिंग, बास्केटबाल, स्वीमिंग, सैलिंग, हाकी, साइक्लिंग, कबड्डी, इक्वलस्टि्रंग, वेट लिफ्टिंग, क्यायिंग और कैनोइंग, वुशु शामिल हैं।
यहां होंगी प्रतियोगिताएं
ओलंपिक में 24 खेल स्पर्धाएं होंगी। प्रतियोगिताएं रुद्रपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम, पीएसी 31वीं, 46 वीं वाहिनी मैदान, वाटर गेम्स गूलरभोज हरिपुरा जलाशय, तैराकी हल्द्वानी तरणताल और शूटिंग नैनीताल कैलाखान में होगी।
राज्य ओलंपिक समिति की ओर से राज्य खेलों के आयोजन के संबंध में कोई वित्तीय मदद नहीं मांगी गई है। अगर संघ मदद मांगता है तो नियमानुसार मदद की जाएगी। उनके समय में अब तक ओलंपिक संघ ने कोई रिमांइडर नहीं दिया है।
-
प्रताप शाह, खेल निदेशक