दर्जी की बेटी भारतीय हैंडबॉल टीम में चयनित
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भारतीय हैंडबॉल टीम में ज्योति शुक्ला के बाद कानपुर की एक और बेटी सपना कश्यप का चयन अंडर-20 भारतीय टीम में हुआ है। फूलबाग कुसरवां निवासी दर्जी अशोक कश्यप की बेटी सपना 24 से 29 जुलाई को लेबनान (पश्चिम एशिया में स्थित) देश में होने वाली एशियन चैंपियनशिप में हुनर दिखाएंगी। चैंपियनशिप में जापान, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, चाइना समेत कई देशों की टीमें प्रतिभाग करेंगी। जैसे ही सपना के चयन की खबर मिली तो परिजन खुशी से झूम उठे और उसे बधाई दी।
बेटी की इस उपलब्धि पर पिता अशोक व मां मिथलेश के आंसू छलक पड़े। सपना कश्यप पास के ही निजी स्कूल में हाईस्कूल की छात्रा हैं। हिमाचल प्रदेश में मई माह में हुई नेशनल टूर्नामेंट में सपना के बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर भारतीय टीम में चयन किया गया है। फैजाबाद के इंडोर स्टेडियम में 29 जून से लगने वाले कैंप में सपना कड़ा अभ्यास कर खुद को बेहतरीन साबित करने का प्रयास करेंगी। इसके बाद 24 जुलाई को भारतीय टीम फैजाबाद से लेबनॉन के लिए प्रस्थान करेगी।
खेलने से भी मां बाप का नाम होता है ऊंचा: सपना
सपना ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि मां-बाप को बच्चों को खेलने से नहीं रोकना चाहिए, वे इसमें कॅरियर बना सकते हैं। सपना ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता व प्रशिक्षक रजत आदित्य दीक्षित को दिया है।
सपना ने कहा कि जो भी खेल खेलें उसमें पूरी तरह ध्यान लगाएं और लगन से अपने मुकाम की तरफ बढ़ें तो सफलता अवश्य मिलेगी। सपना का सपना है कि देश के लिए मेडल लाकर नाम रोशन करें। वहीं पिता अशोक कश्यप ने कहा कि बेटी की उपलब्धि का श्रेय हैंडबॉल प्रशिक्षक रजत आदित्य दीक्षित को जाता है। उन्होंने हर परिस्थितियों में साथ दिया और बेटी को बड़े स्तर का खिलाड़ी बनाया है।
दो कमरों में सिमटी है पूरी गृहस्थी
अशोक कश्यप के परिवार में पत्नी मिथलेश, बड़ी बेटी कल्पना व छोटी बेटी सपना हैं। अशोक की पूरी गृहस्थी दो कमरों में ही सिमटी है। नीचे बड़े भाई का परिवार रहता है। अशोक ने बताया कि वह कल्याणपुर स्थित एक बुटिक में सिलाई का काम करते हैं। घर में इतने पैसे नहीं थे कि बेटी को खेलने के लिए कहीं भेज सकते। चयन की खबर से पिता रुंधे गले से इलाके के लोगों को यह खुशखबरी सुनाने पहुंच गए।
पड़ोसियों से कर्ज लेकर भेजा चेन्नई
पिता अशोक कश्यप ने बताया कि 2016 में जब सपना का चयन चेन्नई में होने वाली नेशनल प्रतियोगिता में हुआ तो वह काफी खुश थीं। मगर चेन्नई जाने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे, न ही घर में इतने रुपये थे कि उसे बाहर भेज सकते। इससे वह काफी निराश हो गई थी। इसके बाद सपना को भेजने के लिए पड़ोसियों से एक हजार रुपये उधार लिये। चेन्नई से टीम विजेता बन कर लौटी तो मुझे बेटी पर नाज हुआ।
ऐसा रहा सफर
- 2012 में बस्ती में हुई स्कूल स्टेट प्रतियोगिता में कानपुर टीम से खेलीं।
- 2013 में मुजफ्फर नगर में मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में कानपुर मंडल टीम से खेलीं।
- 2013 में तेलंगाना में हुई सब जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में यूपी टीम से खेलीं।
- 2015 में मिर्जापुर में हुई सब जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में यूपी टीम से खेलीं।
- 2016 में लखनऊ में सब जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में यूपी टीम से खेलीं।
- 2016 में चेन्नई में हुई नेशनल प्रतियोगिता में यूपी टीम से खेलीं।
- जनवरी 2019 में महाराष्ट्र में हुई नेशनल प्रतियोगिता में यूपी टीम से खेलीं।