‘यूं तो कदम-कदम पर हैं दीवार सामने, कोई न हो तो खुद से उलझ जाना चाहिए’ ये चंद लाइन एक हाथ के बल्लेबाज प्रमोद कुमार के लिए सटीक बैठ रही है। मेरठ के रहने वाले प्रमोद ने सात साल की कम उम्र में एक हादसे में बायां हाथ गंवाने के बाद भी अपना हौसला नहीं गंवाया। 16 वर्षीय प्रमोद एक हाथ से ही शानदार बल्लेबाजी करते हैं।