रणजी ट्रॉफी प्रतियोगिता में लगातार पांचवीं जीत से जहां टीम उत्तराखंड का वर्तमान सुधरने के संकेत मिल रहे हैं, वहीं भविष्य संवरने की उम्मीद भी जगने लगी है। प्लेट ग्रुप में सर्वोच्च स्थान पर रहने से एक तरफ टीम को इस वर्ष नॉक आउट दौर में खेलने का मौका मिलेगा। दूसरी तरफ, इस प्रदर्शन का ईनाम टीम को अगले साल की प्रतियोगिता में भी मिलेगा। टीम एक पायदान चढ़कर प्लेट ग्रुप से ग्रुप सी में पहुंच जाएगी।
पहली बार बीसीसीआई की प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही टीम उत्तराखंड ने अपने शानदार खेल से हर क्रिकेट प्रेमी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विजय हजारे ट्रॉफी से लेकर रणजी ट्रॉफी तक उत्तराखंड के क्रिकेटरों ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। विजय हजारे ट्रॉफी में उत्तराखंड को अपने पहले मुकाबले में बिहार के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी। उसके बाद टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपने सभी मुकाबले जीते हैं। रणजी ट्रॉफी में भी टीम ने अपने पांचों मुकाबलों में शानदार जीत हासिल की है। टीम के इस प्रदर्शन से उसके रणजी ट्रॉफी नॉक आउट राउंड में पहुंचने की उम्मीदें काफी बढ़ गई है।
इस वर्ष उत्तराखंड प्लेट ग्रुप में मेघायल, पुडुचेरी, बिहार, सिक्किम, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के साथ है। जबकि अगले वर्ष ग्रुप सी में आने पर टीम के पास राजस्थान, यूपी, झारखंड, हरियाणा, असम, ओडिसा, सर्विसेज, जम्मू-कश्मीर, गोवा, त्रिपुरा जैसी बड़ी टीमों के साथ ग्रुप सी में खेलने का मौका रहेगा।
होम ग्राउंड में होंगे दो मुकाबले
उत्तराखंड को अभी अपने मैदान पर दो और मुकाबले खेलने हैं। 14 दिसंबर से उत्तराखंड का मुकाबला नागालैंड से होना है। यह मुकाबला देहरादून के अभिमन्यु क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद 22 दिसंबर को पुडुचेरी में टीम उनके खिलाफ ही खेलने उतरेगी। वहीं, प्रतियोगिता का अंतिम मुकाबला टीम उत्तराखंड सात जनवरी को मिजोरम के खिलाफ खेलेगी। यह मुकाबला राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा।
टीम उत्तराखंड का अब तक का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है। अभी टीम को घरेलू मैदान पर दो मुकाबले खेलने हैं। स्थानीय स्थितियों का टीम को फायदा मिलेगा। पुडुचेरी के खिलाफ भी टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी। ऐसे में इस वर्ष के साथ ही भविष्य के लिए भी टीम की स्थिति बेहतर हो जाएगी।
प्रो. रत्नाकर शेट्टी, समन्वयक, राज्य क्रिकेट संचालन समिति