जूनियर वर्ग पर रहेगा जोर
सब जूनियर, जूनियर, अंडर-23 और सीनियर वर्ग में पूरे देश से 100 खिलाड़ियों का चयन होना है। इसमें भी चयनकर्ताओं का पूरा फोकस सब-जूनियर और जूनियर पर रहेगा। फेडरेशन का मानना है कि अगर खिलाड़ियों की नींव मजबूत हो तो परिणाम बेहतर ही रहेंगे।
खेल के लिए संकेत अच्छे
जिस तरह के संकेत मिले हैं, वह कुश्ती के बेहतर भविष्य की ओर इशारा कर रहे हैं। पहलवानों में इसको लेकर उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ी बात है कि छिपी प्रतिभाओं को भी मंच मिलेगा।
- जबर सिंह सोम, कुश्ती कोच
प्रतिभाओं की कमी नहीं
पहलवानों को अगर सुविधाएं मिलें तो वह मेडल की झड़ी लगा सकते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुश्ती प्रतिभाओं की भरमार है। योजना परवान चढ़ी तो आने वाले समय में पदकों के ढेर लग जाएंगे।
- अलका तोमर, अर्जुन अवार्डी/अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
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