भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान एवं अर्जुन अवार्डी सरदारा सिंह ने कहा कि वर्तमान में मॉडर्न हॉकी का जमाना है। देश में टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन सुविधाओं की दरकार है। वर्तमान में जरूरत है तो प्रतिभाओं को तराशने की। वे बुधवार को हमीरपुर में पत्रकार वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मूलभूत सुविधाएं, खिलाड़ियों के लिए संतुलित डाइट, कोच और बेसिक सुविधाएं जितनी अधिक होंगी, खिलाड़ी उतना अच्छी तरह से खेल में प्रदर्शन कर सकता है। कहा कि बीते 5-7 साल से हॉकी समेत सभी खेलों के लिए सुविधाएं दी जा रही हैं।
पूर्व में भारतीय हॉकी का विश्व में 15वां रैंक था। यह वर्तमान में पांचवें नंबर पर पहुंच गया है। अगर भारतीय हॉकी को बढ़ावा देना है तो कोच और खिलाड़ियों को बार-बार नहीं बदलना चाहिए। पूर्व में कोच समेत 4 से 5 खिलाड़ियों को बदला गया, जो सबसे बड़ी गलती है।
हॉकी इंडिया लीग के मैचों से भारत के खिलाड़ियों को अन्य देशों के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिल रहा है। लीग मैचों में ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के खेल अनुशासन, खूबियां सीखने और एक-दूसरों की कमियों को दूर करने, उनकी डाइट और अन्य बारीकियों को सीखने का मौका मिल रहा है।
कहा कि राष्ट्रीय स्तर के कैंपों में डोपिंग पर विशेष नजर रखी जा रही है। खिलाड़ियों को कोच के साथ डाइट के लिए बेहतरीन फिजिशियन भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
उन्होंने खुशी जताई कि अभी तक हॉकी इंडिया डोप फ्री चल रहा है। उम्मीद जताई है कि जुलाई में होने वाले एशियन और ओलंपिक क्वालिफायर के लिए पुरुष और महिला टीमें बेहतर प्रदर्शन करेंगी।