शमसाबाद के रमापुर निवासी गौरव बी-2 कैटेगरी के दृष्टिबाधित हैं। बचपन से आंखें सही नहीं होने से उनके पिता ने उनका दाखिला दिल्ली के लाजपत नगर स्थित दृष्टिबाधित कॉलेज में करवा दिया था। वहीं पर उन्हें क्रिकेट शौक चढ़ा। फिर वह काफी अच्छा खेलने लगे। कुछ दिन बाद गौरव का चयन दिल्ली की टीम में हो गया। यह पहला मौका है जबकि वह अपने गृह राज्य की टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
गौरव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का भी अनुभव है। वह भारतीय दृष्टि बाधित टीम के साथ श्रीलंका व नेपाल के साथ खेली गई त्रिकोणीय सीरीज में भारतीय टीम के साथ थे। साथ ही वह इंग्लैंड व श्रीलंका के खिलाफ भी भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं।