शूटिंग वर्ल्ड कप में अंगदवीर और गनेमत सेखों ने स्वर्ण पदक जीता।
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दिल्ली के कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में चल रहे विश्व कप में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले अंगदवीर सिंह बाजवा मोहाली के हैं। अंगद को बचपन से ही खिलौने वाली बंदूक से खेलने का शौक था। बचपन में वह खेल-खेल में बंदूक से निशाना लगाते थे। धीरे-धीरे यह शौक जुनून में बदल गया।
17 साल की उम्र में उन्होंने स्पोर्ट्स पिस्टल थाम ली और अभ्यास करने लगे। उनकी इस लगन को देखते हुए उनके पिता ने घर में ही एक शानदार शूटिंग रेंज बना दी। अंगद जब भारत में होते हैं तो वह पिता की बनाई शूटिंग रेंज में ही अभ्यास करते हैं।
मंगलवार को स्कीट की मिश्रित स्पर्धा के फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अमर उजाला से विशेष बातचीत में अंगद ने बताया कि विश्व कप में इस साल बेहतरीन शूटर हिस्सा ले रहे हैं। मुकाबला काफी दिलचस्प और जटिल था क्योंकि सामने वाली कजाखस्तान की टीम सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल है। एक समय में खेल बराबरी पर चल रहा था, लेकिन आखिरी समय में बेहतरीन शॉट लगाते हुए स्वर्ण पदक पर निशाना साधा। सहयोगी गनेमत सेखों ने भी काफी अच्छे शॉट लगाए। वह एक बेहतरीन शूटर हैं।
डेराबस्सी (मोहाली) के अंगद ने बताया कि उन्हें अपने घर की शूटिंग रेंज बहुत पसंद है। जब वह भारत से बाहर रहते हैं तो नॉर्वे के कोच से ट्रेनिंग लेते हैं। उनका कहना है कि जिनके पास पैसा है, वह तो अपनी शूटिंग रेंज बनाकर अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन चंडीगढ़ में ऐसे कई शूटर हैं, जो स्कीट रेंज की सुविधा न होने पर दिल्ली जाकर अभ्यास करने का मजबूर हैं।
ओलंपिक में पदक जीतना एक मात्र लक्ष्य
अंगद ने वर्ष 2019 में दिसंबर में दिल्ली में आयोजित स्कीट के राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर रिकार्ड कायम किया था। इस रिकार्ड में उन्होंने आखिरी रांउड में 60 में से 60 शॉट लगाए थे। अंगद ने अपना कैरियर स्टेल लेवल से शुरू किया। इसके बाद राष्ट्रीय और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। वह साल 2019 में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स सिंगल में कांस्य पदक जीत चुके हैं। अंगद का अगला लक्ष्य ओलंपिक में क्वालीफाई कर पदक जीतना है।