बुलंदशहर में 17 व 18 अगस्त को होने वाली राष्ट्रीय आर्चरी चैंपियनशिप में कानपुर के कल्याणपुर निवासी किसान महेश मिश्रा के बेटे अक्षय मिश्रा (7) का चयन हुआ है। इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले अक्षय कानपुर ही नहीं प्रदेश के एक मात्र खिलाड़ी हैं।
महज एक साल की मेहनत से अक्षय ने यह मुकाम हासिल किया है। मूल रूप से कानपुर देहात के औरंगपुर गांव निवासी अक्षय कक्षा दो में पढ़ता है। पिता महेश ने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी जरूरी है। इसलिए बेटे को निशानेबाजी की तरफ बढ़ाया।
जून में नागपुर में हुई यूथ नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में अक्षय ने 12 खिलाड़ियों के बीच इंडिया राउंड में खेलकर स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद जुलाई में अर्मापुर स्थित एसएएफ ग्राउंड में जिला स्तरीय ट्रायल में पहले स्थान पर आया था।
इसके आधार पर उसका चयन राष्ट्रीय प्रतियोेगिता के लिए हुआ है। अक्षय अंडर-9 वर्ग के इंडियन राउंड में खेलेगा। इसमें विभिन्न प्रदेशों के करीब 100 खिलाड़ी हिस्सा लेेंगे।
सात वर्ष की उम्र में बना कमाल का तीरंदाज
महेश बेटे के खेल के चक्कर में गांव छोड़कर एक साल पहले कल्याणपुर स्थित किराए के मकान में रहने लगे। महेश का सपना था कि बेटा शूटिंग का खिलाड़ी बने, मगर खेल महंगा होने के कारण उन्होंने बेटे को अर्मापुर स्थित एसएएफ ग्राउंड में आर्चरी का प्रशिक्षण शुरू कराया। सितंबर 2018 में अक्षय का शुरू हुआ सफर अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। महेश इसका पूरा श्रेय प्रशिक्षक अभिषेक कुमार को देते हैं।
अक्षय के नाम पदक
- दिसंबर 2018: कानपुर में जिलास्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
- मई 2019: अजमेर में हुई ओपन नेशनल चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।
- मई 2019: एसएएफ ग्राउंड में हुए समर कैंप में पहला स्थान पाया।
- जून 2019: नागपुर में हुई नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।