इंतजार की घड़ियां खत्म होने को है। कोलकाता तैयार है और यहां के लोग भी टाटा स्टील कोलकाता-25के में रविवार सुबह अपना दम-खम दिखाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। गत चैंपियन श्रीनू बुगाथा और फॉर्म में चल रहे संजीवनी जाधव अपने-अपने वर्ग में एक मजबूत भारतीय एलीट लाइन-अप का नेतृत्व करेंगे।
श्रीनू बुगाथा ने रेस की पूर्व संध्या पर उन्होंने कहा कि वह अपने खिताब का बचाव करने के लिए बहुत आश्वस्त हैं। यह दौड़ उनको मुंबई मैराथन की तैयारी में मदद करेगी। लंबी दूरी का धावक बनने के लिए वास्तव में कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसके लिए वह खुद को रोजाना और सप्ताह के हिसाब से तैयार करते हैं। इन रेसों को तैयार होने में काफी समय लगता है। लंबी दूरी का धावक बनने में महीनों और सालों की मेहनत लगती है।
उन्होंने कहा कि शरीर, दिमाग को ध्यान में रखते हुए हमें उसी के अनुसार तैयारी करनी होगी। श्रीनू अच्छी फॉर्म में हैं और हाल ही में अक्तूबर में वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में भारतीयों में तीसरे स्थान पर रहे। विजयनगरम (आंध्र प्रदेश) के गजपतिनगरम के धान के खेतों से लेकर कोलकाता की सड़कों तक, श्रीनू ने एक लंबा सफर तय किया है। लेकिन उन्होंने पेरिस को अपना अगला निशाना बनाया है।
उन्होंने कहा कि मुझे पेरिस में दौड़ने का मौका पाने के लिए राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ना होगा। मेरा लक्ष्य पूर्ण मैराथन है जो 42 किमी है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगा और बेहतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने पर ध्यान दूंगा जिससे मुझे पेरिस ओलंपिक का टिकट मिल सके, लेकिन आंध्र के इस धावक को अमेठी में जन्में अभिषेक पाल कड़ी टक्कर दे सकते हैं। भारतीय रेलवे के कर्मचारी, अभिषेक मई में इस साल के टीसीएस वर्ल्ड 10के बेंगलुरु में भारतीय एलीट विजेता थे। वे राष्ट्रीय खेलों में 5,000 मीटर स्वर्ण और राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 10,000 मीटर स्वर्ण भी जीता चुके हैं।
दूसरी ओर, भारतीय महिलाओं का नेतृत्व संजीवनी बाबूराव जाधव करेंगी, साल का अंत एक सुखद अहसास के साथ करना चाहेंगी। वे प्रतिष्ठित वेदांत दिल्ली हाफ मैराथन की भारतीय महिला वर्ग और फेडरेशन कप सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 10,000 मीटर का स्वर्ण जीत चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण और तैयारी अच्छी रही है और मैं यहां अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हूं। यह मेरा पहला मौका होगा जब मैं यहां कोलकाता में दौड़ूंगी। इसलिए अगर मैं खिताब जीत पाती हूं तो यह मेरे लिए खास होगा। मैंने दिल्ली, मुंबई में सभी प्रोकैम मैराथन में भाग लिया है और मैं सभी में सफल रही हूं। संजीवनी को भारतीय धाविका प्राजक्ता गोडबोले से टक्कर मिल सकती है।
पिछले हफ्ते उन्होंने वसई विरार नगर निगम मैराथन में हाफ मैराथन पूरी की, जहां वह दूसरे स्थान पर रही। उन्होंने कहा, तैयारी अच्छी चल रही है। मुझे यहां अच्छा प्रदर्शन करने का भरोसा है। मैं अपने पैर की चोट से जूझ रही हूं लेकिन मुझे उम्मीद है कि कल मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी। मैंने हाल ही में अच्छा प्रदर्शन किया है, इसलिए यहां भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।