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NADA: डोपिंग मामले को लेकर राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी की बड़ी कार्रवाई, जूनियर टीम के मुख्य कोच रमेश निलंबित

Sun, 20 Apr 2025 03:42 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी ने डोपिंग से जुड़े मामलों की जो नवीनतम सूची जारी की है उसमें सात एथलीट पारस सिंघल, पूजा रानी, नालुबोथु शनमुगा श्रीनिवास, चेलिमी प्रतुशा, शुभम महरा, किरण और ज्योति भी शामिल हैं।
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खेल जगत की रोचक खबर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने डोपिंग में मिलीभगत होने के कारण बड़ी कार्रवाई करते हुए जूनियर राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच रमेश नागपुर को निलंबित कर दिया है। वहीं, जिन सात एथलीटों ने परीक्षण से बचने की कोशिश की थी, उन्हें भी निलंबित किया गया है। राष्ट्रीय एथलेटिक्स के लिए यह करारा झटका है क्योंकि इसके अलावा दो अन्य कोच करमवीर सिंह और राकेश को भी डोपिंग से जुड़े मामलों में निलंबित कर दिया गया है।
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नाडा ने जारी की सूची 
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी ने डोपिंग से जुड़े मामलों की जो नवीनतम सूची जारी की है उसमें सात एथलीट पारस सिंघल, पूजा रानी, नालुबोथु शनमुगा श्रीनिवास, चेलिमी प्रतुशा, शुभम महरा, किरण और ज्योति भी शामिल हैं। इन सभी को निलंबित कर दिया गया है। 19 वर्षीय सिंघल ने 2024 में खेलो इंडिया युवा खेलों में हरियाणा के लिए लड़कों की 2000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण पदक जीता था। श्रीनिवास ने 2024 में फेडरेशन कप, राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप और राष्ट्रीय ओपन चैंपियनशिप तीनों में 200 मीटर में रजत पदक जीता था।

हैदराबाद के साई केंद्र में कार्यरत थे रमेश 
नागपुरी हैदराबाद में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) केंद्र में कार्यरत थे। राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त नागपुरी को 2023 में जूनियर मुख्य कोच नियुक्त किया था। उन्हें 2021 के नाडा डोपिंग रोधी नियमों के अनुच्छेद 2.9 के तहत निलंबित कर दिया गया है, जो किसी खिलाड़ी या अन्य व्यक्ति द्वारा मिलीभगत या मिलीभगत का प्रयास करने से संबंधित है। सूत्रों के अनुसार, नागपुरी ने कथित तौर पर दो एथलीटों को साइ के हैदराबाद केंद्र में नाडा के डोप संग्रह अधिकारियों से परीक्षण से बचने में मदद की थी। उन्होंने महिलाओं की 100 मीटर राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक दुती चंद के अलावा 2024 पैरालिंपिक कांस्य विजेता और मौजूदा विश्व चैंपियन (400 मीटर) दीप्ति जीवनजी को प्रशिक्षित किया है।
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यह पहली बार नहीं है कि किसी एथलेटिक्स कोच को डोपिंग से संबंधित अपराधों के लिए दंडित किया गया है। नवंबर 2022 में, राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अनुशासन पैनल (एडीडीपी) ने अपने प्रशिक्षु कीर्ति भोइटे को प्रतिबंधित पदार्थ ड्रोस्तानोलोन का इंजेक्शन लगाने के लिए मुंबई स्थित एथलेटिक्स कोच मिकी मेनेजेस पर चार साल का प्रतिबंध और 50000 रुपये का जुर्माना लगाया था। तब इस एथलीट पर भी दो साल का प्रतिबंध लगाया गया था।
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