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कोच हरेंद्र के मार्गदर्शन में तैयारी में जुटी भारतीय टीम

Fri, 18 Dec 2015 05:31 PM IST
सतेंद्र पाल सिंह/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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अगले साल भारत में होने वाले जूनियर हॉकी विश्व कप के लिए कोच हरेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में भारतीय टीम शिद्दत से तैयारी में जुटी है।
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बतौर हॉकी उस्ताद प्रतिभा को पहचान कर उसे तराशना तो कोई हरेन्द्र से सीखे। भारत ने उनके मार्गदर्शन में पिछले महीने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हरा कर जूनियर एशिया कप हॉकी खिताब जीता।

भारतीय जूनियर टीम का शिविर फिलहाल 22 दिसंबर को बंगलूरू में खत्म होगा और हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के 21 फरवरी, 2016 को खत्म होने के बाद 6 मार्च से फिर शुरू होगा।
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हरेन्द्र ने बंगलूरू से फोन पर अमर उजाला से खास बातचीत में कहा, ‘हमारी ताकत है हमारा एका। मैं एक खिलाड़ी को नहीं बल्कि जूनियर एशिया कप के लिए एक मजबूत टीम तैयार करने में जुटा हूं।

नतीजा भविष्य तय करता है। शिविर में लड़कों के साथ मेहनत कर भविष्य बेहतर बनाने में जुटा हूं। मेरी कोशिश लड़कों को मुश्किलों के बीच से कामयाबी की राह निकालने के लिए तैयार करने की है। मेरा जोर लड़कों को गेंद की रिसीविंग और स्टॉपिंग जैसी बेसिक्स  मजबूत करने पर है।

उन्होंने आगे कहा, लड़कों की बेसिक्स मजबूत होगी तो भारत की मजबूत जूनियर टीम तैयार होगी। मैं लड़कों को धैर्य, संकल्प, नियंत्रण के साथ खेलने के तैयार करने में जुटा हूं। इससे ही उनमें एकाग्र होकर निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन करने का विश्वास पैदा होगा। मेरी कोशिश भारत के लड़कों में तिरंगे में  मौजूद ‘चक्र’ के गौरव के लिए सब कुछ दांव पर लगाकर खेलने का जज्बा भरने की है।’

 उन्होंने कहा,  ‘चाहे ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह या डिफेंडर डिप्सन टिर्की अथवा कप्तान हरजीत सिंह या वरूण कुमार जैसे मिडफील्डर या फिर गुजरंत सिंह और अजित पांडे जैसा फॉरवर्ड, मैंने इन सभी युवा तुर्कों से यही कहा कि जीत किसी किसी एक के वैयक्तिक कौशल से नहीं बल्कि बतौर एक इकाई और टीम  के रूप में खेलने से मिलेगी।

मेरी टीम में ज्यादातर नौजवान खिलाड़ी मध्यम या निम्न मध्यम वर्ग से आते हैं। मैंने इन सभी में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा भरने की पुरजोर कोशिश की है। मैंने लड़कों पर कभी भी नतीजों का दबाव नहीं डाला। मैंने इन लड़कों से मैदान पर उतरने के बाद मैच में पूरे 70 मिनट तक अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करने की ताकीद की है।

इसी कारण लड़कों ने मैदान पर इस साल बेहतर नतीजे दिए हैं। हमने इस साल जूनियर एशिया कप तो जीता ही हम नीदरलैंड में हुए छह देशों के टूर्नामेंट में चौथे स्थान पर रहे। हमने वहां जर्मनी की जूनियर टीम को शिकस्त दी थी।’
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हरेन्द्र ने कहा, ‘नए साल हमारी जूनियर टीम यूरोप दौरे पर जाने का कार्यक्रम है और फिर हम वेलेंशिया में छह देशों के हॉकी टूर्नामेंट में शिरकत करेंगे।

इस तरह के टूर्नामेंट में शिरकत कर हमारी टीम अगले साल होने वाले जूनियर एशिया कप के लिए खुद को बेहतर ढंग से तैयार कर पाएगी।

चाहे वह गोलरक्षक विकास दहिया हों या फिर सूरज हमने इस जूनियर एशिया कप को जेहन में रखकर ही लड़कों को चुना है। हमने टीम के चयन में लड़कों की उम्र का पूरा ध्यान रखा है।’
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